जलावर्धन योजना में करोड़ों का घोटाला नगर परिषद नरवर की जलावर्धन योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी

नरवर। नगर परिषद नरवर द्वारा मोहनी सागर डैम से नरवर क्षेत्र में करीब 15000 लोगों को पीने का पानी उपलब्ध कराने हेतु मप्र शासन की जनकल्याणकारी योजना जलावर्धन में नगर परिषद अध्यक्ष, ठेकेदार एवं कर्मचारियों की मिलीभगत से करोड़ों रूपये का गोलमाल किया गया है, उक्त जानकारी कांग्रेस नेता कालूराम कुशवाह द्वारा प्रेस को दी गई। जानकारी में बताया कि मप्र शासन की जलावर्धन योजना के अन्तर्गत नरवर नगर परिषद द्वारा बालको कम्पनी को जलावर्धन योजना का ठेका दिया गया है किन्तु ठेकेदार एवं नगर परिषद अध्यक्ष और कर्मचारियों की मिलीभगत से ठेकेदार द्वारा पाईप लाईन बिछाने के लिए नाली खुदाई का कार्य लेवलिंग के अनुसार कराया जाना चाहिए था, किन्तु ठेकेदार द्वारा वगैर लेवलिंग की खुदाई कर पाईप लाईन बिछाई गई है, कम्पनी द्वारा पाईप लाईन बिछाने के लिए खुदाई मात्र 1.5 फीट से 2.5 फीट की गई है, जबकि डी.पी.आर. के अनुसार खुदाई 3.5 फीट तक होनी चाहिए, डी.पी.आर. के अनुसार पाईपों की मजबूती के लिए रेत (रिवरसेंड) बिछाकर पाईप लाईन विछाई जानी चाहिए थी किन्तु ठेकेदार द्वारा बगैर रेत (रिवरसेंड) का उपयोग किये पाईप लाईनों को बिछाया गया है जबकि कम्पनी को भुगतान डी.पी.आर. के अनुसार खुदाई एवं रेत (रिवरसेंड) का किया जा रहा है उक्त कार्य में जिन पाईपों का उपयोग किया गया है वो भी मानक स्तर के न होकर घटिया क्वालिटी के हैं। कई वार्डों में तो पुराने लाईनें जो कि जीर्णशीर्ण हालत में हैं उनसे ही काम चलाया जा रहा है, इस प्रकार मिलीभगत से शासन को करोड़ों रूपये का चूना लगाया जा रहा है। कालूराम कुशवाह ने प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन भोपाल को पत्र भेजकर मान की है कि नगर परिषद अध्यक्ष एवं कर्मचारियों द्वारा मप्र शासन की कल्याणकारी योजना को भृष्टाचार की भेंट चढाकर करोड़ों का घोटाला किया गया है जिसका मौके पर भौतिक सत्यापन कराकर दोषियों के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की मांग की गई है।