झाबुआ।बिजली बिलों को लेकर शहर में चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि 550 उपभोक्ता शहर से गायब हो चुके हैं। इन पर 37 लाख रुपए बिजली का बिल बकाया है। बिजली कनेक्शन काटने के बाद भी कोई उपभोक्ता बिल भरने नहीं आया। ना ही किसी ने मोहलत मांगकर बिजली कनेक्शन फिर से चालू करने का निवेदन किया। ऐसी स्थिति में विद्युत वितरण कंपनी की मुश्किलें बढ़ी हुई है। इन उपभोक्ताओं की खोजबीन करने में काफी पसीना बहाना पड़ रहा है। मार्च तक 37 लाख की बिजली फूंक चुके उपभोक्ताओं की जेबों तक विभाग का हाथ पहुंचना सुनिश्चित किया गया है।24 घंटे सभी को बिजली चाहिए क्योंकि यह अनिवार्य आवश्यकता की सूची में सर्वोच्च क्रम पर है बिजली का उपभोग करने के बाद जब बिल नहीं चुकाया जाता है तो शासकीय अमले का तनाव बढ़ जाता है। इसी तरह का वाक्या जिला मुख्यालय पर हुआ है। यहां उपभोक्ताओं ने भरपूर बिजली का उपयोग किया। जब बिल भरने की बारी आई तो गायब हो गए। यह है स्थिति
-10 हजार 700 बिजली उपभोक्ता शहर में
-550 उपभोक्ताओं के पते नहीं चल रहे
-37 लाख के बकाया बिल खटाई में पड़े हुए
-1200 उपभोक्ता चालू माह में सुस्ती दिखा गए
-63 लाख का वर्तमान बिल उन पर बकाया यह है, व्यावहारिक समस्याएं
-बिजली कनेक्शन किसी ओर के नाम पर रहता है
-उपयोग करने वाला कोई ओर ही रहता है
-कई दिवंगतों के नाम पर बिजली कनेक्शन चल रहे है
-किरायेदार के रूप में गांव के कई लोग यहां पर है
-अवैध मकानों में भी बिजली कनेक्शन ले लिए गए
जमीन खा गई या आसमान निगल गया है।
मप्र पश्चिम क्षेत्रीय विद्युत वितरण कंपनी के सहायक यंत्री सुखदेव मंडलोई का कहना है कि 550 गायब हो चुके उपभोक्ताओं को अमला तलाश रहा है। मार्च तक हर हाल में सभी बकाया बिल वसूल करना है। इसके बाद किसी भी उपभोक्ता को थोड़ी छूट भी नहीं मिलेगी।





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