ग्वालियर. शिवपुरी के सहरिया आदिवासी सम्मेलन में 9 दिसंबर को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जिन कन्याओं की पूजा करके उपहार दिए थे, वो उनके जाते ही अफसरों ने वापस ले लिए। आदिवासी लड़कियों को सम्मेलन में शामिल होने के लिए दिए गए नए कपड़े भी मांग लिए गए। अब मामला सामने आने पर कलेक्टर कह रहे हैं कि लड़कियों और परिवारवालों को उपहार में पैसे देने की बात से गुमराह किया जा रहा है।
पैरेंट्स बोले- नए कपड़े और 2100 रुपए दिए थ
– 9 दिसंबर को शिवपुरी के सेसई गांव में सहरिया आदिवासी सम्मेलन हुआ था। इसमें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आदिवासी लड़कियों को देवी मानते हुए पैर धोकर पूजा की थी। इन लड़कियों के परिवार वालों का कहना है कि उनकी बेटियों को इस सम्मेलन में ले जाने के लिए जिले के अफसरों ने नए कपड़े दिए थे। मुख्यमंत्री ने हर लड़की को उपहार में 2100 रुपए दिए थे। उनका आरोप है कि सम्मेलन खत्म होने के बाद एक मैडम उनकी बेटियों को दिए गए नए कपड़े और 2000 रुपए ले गईं। उन्हें सिर्फ 100 रुपए दिए गए।
कलेक्टर बोले पेरेंट्स को गुमराह किया गया
– इस बारे में कलेक्टर तरुण राठी का कहना है कि सीएम ने कन्याओं की पूजा करके उन्हें लिफाफे में 100-100 रुपए और एक स्वेटर दिया था। 2000 रुपए की बात कह कर आदिवासियों को गुमराह किया जा रहा है।
– उन्होंने यह भी कहा कि नए कपड़े किसने पहनाए और किसने वापस लिए, इसकी जांच की जाएगी।
– अब इस मामले के खुलासे के बाद अफसर उन मैडम को तलाश रहे हैं जो बच्चों के कपड़े ले गई हैं।
– इस बारे में कलेक्टर तरुण राठी का कहना है कि सीएम ने कन्याओं की पूजा करके उन्हें लिफाफे में 100-100 रुपए और एक स्वेटर दिया था। 2000 रुपए की बात कह कर आदिवासियों को गुमराह किया जा रहा है।
– उन्होंने यह भी कहा कि नए कपड़े किसने पहनाए और किसने वापस लिए, इसकी जांच की जाएगी।
– अब इस मामले के खुलासे के बाद अफसर उन मैडम को तलाश रहे हैं जो बच्चों के कपड़े ले गई हैं।






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