शिवपुरी :– कोलारस में पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गली गली में तेजी से फैलती चर्चा के अनुसार राजनीति दलों के रुख को समझते हुये नाराज मतदाता इस बार निर्दलीय योग्य व युवा और सुशिक्षित उम्मीदवार की तलाश में हैं और सायद वह उम्मीदवार मनीषा हो सकती है । इस चर्चा में मूलतःशिवपुरी निवासी पत्रकार मनीषा वर्मा का नाम तेजी से पूरी विधानसभा में सुना जा रहा है। चर्चाओं के अनुसार क्षेत्र के ही कुछ जागरूक व वरिष्ठ लोग पीएचडी कर रहीं मनीषा वर्मा को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतारने के फिराक में है और सूत्रों के अनुसार वह भी अपने पूरे मुड़ ने चुनावी मैदान में आने को तैयार हो सकती हैं।
जैसी सीतलहर और बेसी ही राजनीतिक गली गली में कोलारस उप चुनाव की चर्चा इन दिनों काफी गरमाई हुई है। भले ही निर्वाचन आयोग ने अभी तक उप चुनाव को लेकर तारीखों का ऐलान नहीं किया है किंतु राजनीतिक बिसात पर उम्मदिवारी के मोहरे अपनी चाल चलने लगे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के लिये कोलारस 2018 के मुख्य चुनाव के पहले किसी परीक्षा से कम नहीं है लिहाजा उनकी और भाजपा की सक्रियता काफी बढ़ गई है दूसरी तरफ कांग्रेस प्रदेश में चित्रकूट ओर गुजरात मे अपने प्रदर्शन से उत्साहित है। राजनीतक दल अपना अपना पैमाना देख रहे हैं लेकिन कोलारस का आम मतदाता क्या सोच रहा है यह तो उपचुनाव होने के वाद ही संभव हो सकता है फिलहाल निर्दलीय प्रत्यासी के इस पर कम ही लोगों का ध्यान है। विकास की दृष्टि से कोलारस का पिछड़ापन यहां के लोगों को चुभ रहा है और सायद वह निर्दलीय प्रत्यासी कर सके ।
जैसी सीतलहर और बेसी ही राजनीतिक गली गली में कोलारस उप चुनाव की चर्चा इन दिनों काफी गरमाई हुई है। भले ही निर्वाचन आयोग ने अभी तक उप चुनाव को लेकर तारीखों का ऐलान नहीं किया है किंतु राजनीतिक बिसात पर उम्मदिवारी के मोहरे अपनी चाल चलने लगे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के लिये कोलारस 2018 के मुख्य चुनाव के पहले किसी परीक्षा से कम नहीं है लिहाजा उनकी और भाजपा की सक्रियता काफी बढ़ गई है दूसरी तरफ कांग्रेस प्रदेश में चित्रकूट ओर गुजरात मे अपने प्रदर्शन से उत्साहित है। राजनीतक दल अपना अपना पैमाना देख रहे हैं लेकिन कोलारस का आम मतदाता क्या सोच रहा है यह तो उपचुनाव होने के वाद ही संभव हो सकता है फिलहाल निर्दलीय प्रत्यासी के इस पर कम ही लोगों का ध्यान है। विकास की दृष्टि से कोलारस का पिछड़ापन यहां के लोगों को चुभ रहा है और सायद वह निर्दलीय प्रत्यासी कर सके ।
जनता को तीसरे विकल्प की तलाश
ऐसे में प्रमुख राजनीतिक दलों के खिलाफ जनता में एक अजनबी सा असंतोष पनपने लगा है। कोलारस के लिये अब आम मतदाता तीसरे विकल्प की बात भी खुले आम करते नजर आ रहे हैं जो गली कूचों ने सुनने को मिल रहा है। ऐसे में अचानक एक नाम यहां काफी चर्चित हो रहा है वह है एन वक्त पर कर रही पी एच डी व युवा पत्रकार मनीषा वर्मा का। पिछले कुछ दिनों से राजनीति में मनीषा वर्मा शिवपुरी में विशेष तौर पर करेरा में सक्रिय नजर आ रही हैं। यूं तो कई लोगों में शिवपुरी जिले के लिये यह नाम कोई अनजाना नहीं लेकिन कोलारस उप चुनाव में मनीषा का नाम गली कूचों में लोगों द्वारा लिया जा रहा है भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिये यह नाम चिंता का सबब बन सकता है।
दरअसल कोलारस की जनता भी अब सुशिक्षित और युवा उम्मीदवार को चुनने के लिये मन बनाती नजर आ रही है जिसमें गैर दलीय उम्मीदवार कहीं न कहीं पनप रही है जनता की इन्ही आकांक्षाओं में मनीषा वर्मा पूरी तरह से फिट बैठती नजत आ रही हैं और चुनावी समीकरण बिगड़ सकते है ।
हालांकि सूत्रों के अनुसार मिली जानकारी के अनुसार कोलारस में दावेदारी की चर्चाओं को लेकर मनीषा वर्मा से बात करने की कोशिश की गई लेकिन सम्पर्क नहीं हो सका अलबत्ता शिवपुरी ओर कोलारस में उन्हें जानने वाले दावा कर रहे हैं कि चुनाव के वक्त कोलारस में अगर मनीषा वर्मा की दाबेदारी पेस होती है तो भा ज पा कोंग्रेस की राजनीतिक दलों की नींद उड़ा सकती है ।
दरअसल कोलारस की जनता भी अब सुशिक्षित और युवा उम्मीदवार को चुनने के लिये मन बनाती नजर आ रही है जिसमें गैर दलीय उम्मीदवार कहीं न कहीं पनप रही है जनता की इन्ही आकांक्षाओं में मनीषा वर्मा पूरी तरह से फिट बैठती नजत आ रही हैं और चुनावी समीकरण बिगड़ सकते है ।
हालांकि सूत्रों के अनुसार मिली जानकारी के अनुसार कोलारस में दावेदारी की चर्चाओं को लेकर मनीषा वर्मा से बात करने की कोशिश की गई लेकिन सम्पर्क नहीं हो सका अलबत्ता शिवपुरी ओर कोलारस में उन्हें जानने वाले दावा कर रहे हैं कि चुनाव के वक्त कोलारस में अगर मनीषा वर्मा की दाबेदारी पेस होती है तो भा ज पा कोंग्रेस की राजनीतिक दलों की नींद उड़ा सकती है ।
भाजपा कांग्रेस से नाराज मतदाता
लोग तो यह भी कह रहे हैं कि भाजपा या कांग्रेस से नाराज मतदाता निर्दलीय रूप में अपना विधायक चुन कर राजनेतिक दलों को करारा जवाब देने की फिराक में है उनकी इस तैयारी में अचानक मनीषा वर्मा का नाम सुना जाना कोलारस में नए समीकरण की ओर इशारा करता है।






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