भोपाल। राजगढ़ और गुना जिले के कथित ठगों की एक टोली ने इंदौर के लोगों से खुलेआम धोखाधड़ी की और फरार हो गए। EOW ने मामला दर्ज किया है परंतु निवेशकों का पैसा अभी भी उलझा हुआ है। आरोप है कि जालसाजों ने G-LIFE INDIA DEVELOPERS AND COLONISERS LIMITED के नाम से कंपनी बनाई और फर्जी INVESTMENT SCHEME शुरू कर दी। मोटे रिटर्न के लालच में लोगों ने पैसा लगा दिया। अब कंपनी का आॅफिस बंद है और कर्ताधर्ता फरार।दस्तावेजों के अनुसार कंपनी का मुख्य व्यवसाय आधारभूत संरचनाओं का विकास, रियल एस्टेट निर्माण और विकास कार्य करना है, लेकिन संचालकों ने इसके बदले वित्तीय काम शुरू कर दिया। नियमानुसार वित्तीय काम करने के लिए कंपनी को आरबीआई और सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड आफ इंडिया (सेबी) में रजिस्टर्ड होना अनिवार्य होता है। इंदौर में ग्रीन एवेन्यू सकेश्वर सिटी नामक स्थान में विकसित भूखंड एवं आवासीय अपार्टमेंट देने के नाम पर जनता से राशि जमा करा ली थी। 70 लाख रुपए जमा कराने के बाद कंपनी के संचालक आॅफिस में ताला लगाकर फरार हो गए। कंपनी ने इस काम के लिए जो एजेंट बनाए थे, उनकी भूमिका भी संदिग्ध है। ईओडब्ल्यू ने कंपनी संचालकों पचोर राजगढ़ निवासी गिरिराज पांडे, प्रमोद पांडे, सुनील पांडे, अलीसिरिया शाजापुर निवासी मनोज कुमार पांडे, बदलीपुरा राजगढ़ निवासी दीपक शर्मा, अशोक कुमार शर्मा, गोविंदनगर काॅलोनी इंदौर निवासी पप्पू पवार, बसंती नगर गुना निवासी सिराज अली, सुभाष नगर उज्जैन निवासी रवि राज व कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गुलाबगंज गुना निवासी यज्ञ प्रसाद शर्मा को नामजद आरोपी बनाया गया है। 
राजगढ़-गुना के ठग इंदौरवासियों को लूटकर फरार,
भोपाल। राजगढ़ और गुना जिले के कथित ठगों की एक टोली ने इंदौर के लोगों से खुलेआम धोखाधड़ी की और फरार हो गए। EOW ने मामला दर्ज किया है परंतु निवेशकों का पैसा अभी भी उलझा हुआ है। आरोप है कि जालसाजों ने G-LIFE INDIA DEVELOPERS AND COLONISERS LIMITED के नाम से कंपनी बनाई और फर्जी INVESTMENT SCHEME शुरू कर दी। मोटे रिटर्न के लालच में लोगों ने पैसा लगा दिया। अब कंपनी का आॅफिस बंद है और कर्ताधर्ता फरार।दस्तावेजों के अनुसार कंपनी का मुख्य व्यवसाय आधारभूत संरचनाओं का विकास, रियल एस्टेट निर्माण और विकास कार्य करना है, लेकिन संचालकों ने इसके बदले वित्तीय काम शुरू कर दिया। नियमानुसार वित्तीय काम करने के लिए कंपनी को आरबीआई और सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड आफ इंडिया (सेबी) में रजिस्टर्ड होना अनिवार्य होता है। इंदौर में ग्रीन एवेन्यू सकेश्वर सिटी नामक स्थान में विकसित भूखंड एवं आवासीय अपार्टमेंट देने के नाम पर जनता से राशि जमा करा ली थी। 70 लाख रुपए जमा कराने के बाद कंपनी के संचालक आॅफिस में ताला लगाकर फरार हो गए। कंपनी ने इस काम के लिए जो एजेंट बनाए थे, उनकी भूमिका भी संदिग्ध है। ईओडब्ल्यू ने कंपनी संचालकों पचोर राजगढ़ निवासी गिरिराज पांडे, प्रमोद पांडे, सुनील पांडे, अलीसिरिया शाजापुर निवासी मनोज कुमार पांडे, बदलीपुरा राजगढ़ निवासी दीपक शर्मा, अशोक कुमार शर्मा, गोविंदनगर काॅलोनी इंदौर निवासी पप्पू पवार, बसंती नगर गुना निवासी सिराज अली, सुभाष नगर उज्जैन निवासी रवि राज व कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गुलाबगंज गुना निवासी यज्ञ प्रसाद शर्मा को नामजद आरोपी बनाया गया है। More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »
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