ग्वालियर।चलती कार से कूदकर 11 साल के मासूम ने अपनी जान बचाई। कार से कूदने के बाद उसके हाथ पैर छिल गए, लेकिन बच्चे ने हिम्मत नहीं हारी और कच्चे इलाके से मुख्य मार्ग तक दौड़ लगा दी। जबकि उसके उठाने वाले दोनों बदमाश उसके पीछे भागे, लेकिन किसी तरह बच्चा मुख्य मार्ग तक भीड़ में पहुंच गया। इसके बाद कार सवार बदमाश पीछे की तरफ ही वापस भाग गए। मुरार इलाके में 24 घंटे में दो अपहरण के प्रयास हो चुके हैं, जबकि पुलिस अभी तक बदमाशों का सुराग लगाने में भी नाकाम साबित हुई है।शुक्रवार शाम मुरार के सत्यनारायण संतर में भाजपा नेता व पूर्व साडा अध्यक्ष जयसिंह कुशवाह के भतीजे का कार सवार बदमाशों द्वारा अपहरण के प्रयास का अभी पुलिस पता ही लगा रही थी कि एक और 11 वर्षीय छात्र का कार सवारों ने अपहरण का प्रयास किया है। सनसनीखेज दो मामलों के सामने आने के बाद मुरार पुलिस के हाथ पैर फूल गए हैं। बताया गया है कि मुरार थानाक्षेत्र स्थित केशव विहार कॉलोनी निवासी सुरेश सिंह भदौरिया सेना से रिटायर्ड सूबेदार हैं। उनकी बेटी सरिता पत्नी देवेन्द्र सिंह तोमर उनके घर के पास ही किराए से रहती है। देवेन्द्र पिछले कुछ समय से गायब है। सरिता एक निजी विद्यालय में शिक्षिका है। शनिवार को सरिता के बेटे आयुष तोमर (11) जो कि बाज सिनेमा के पास ही बाल भारती स्कूल में छटवीं का छात्र है। शनिवार को स्कूल में पैरेंटस मीटिंग में शामिल होने के बाद वह अपने नाना के घर पहुंचा। यहां नानी ने नहाने के लिए गर्म पानी कर दिया। इस पर छात्र घर से अपने कपड़े लेने घर जा रहा था।
स्लेटी रंग की कार से आए, उठाकर ले गए
अभी छात्र नाना के घर से अपने घर के बीच जगन्नाथ मैरिज गार्डन के पास ही पहुंचा था कि एक स्लेटी कलर की कार उसके पास आकर रुकी। गेट खोला एक नकाबपोश बदमाश उतरा छात्र को जबरदस्ती गाड़ी में खींच लिया। इसके बाद वह उसका मुंह दबाकर ले गए। शहीद गेट के बाद वह नदी की तरफ कच्चे रास्ते पर कार लेकर चलने लगे। कच्चा और गड्ढ़ा भरा रास्ता होने के कारण कार धीमी थी। इसी समय किसी का फोन आया और बच्चे ने नाकाबपोश के हाथ में काटा और चलती गाड़ी से कूद गया। इसके बाद छात्र अपने घर पहुंचा और फिर परिजन थाने। हालाकि पुलिस इसे बच्चे के माता-पिता के बीच विवाद बता रही है।
बच्चे को हमने उठा लिया है
जब मैं गाड़ी में था और वह लोग मुझे ले जा रहे थे। तभी किसी का फोन आया। पीछे मुझे पकड़कर बैठा युवक कह रहा था काम हो गया है हमने बच्चे को उठा लिया है। इसके बाद मैंने हिम्मत से काम लिया और उसके हाथ पर काट कर गेट खोलकर कूद गया।
पुलिस परेशान कर रही है
मेरा नाती अपहरण होने से बचा है। पुलिस बदमाशों का पता नहीं लगा रही है बल्कि हमें या हमारे द्वारा घटना की दी गई जानकारी को झूठा साबित करने में लगी है। इस प्रताड़ना से तंग आ गया हूं। पता नहीं आम लोगों के साथ पुलिस ऐसा क्यों करती है।
(सुरेश सिंह, बच्चे के नाना)





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