भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस अब निजी कंपनियों की तरह स्टूडेंट को अपने कामकाज से रूबरू कराने के लिए इंटर्नशिप दे रही है। इसके लिए अभी कानून और इंजीनियरिंग के छात्रों को पुलिस में इंटर्नशिप की सहमति दी गई है।
फिलहाल प्रदेश के चुनिंदा शिक्षण संस्थानों के स्टूडेंट को यह सुविधा दी गई है। पुलिस थानों में आने वाली शिकायतों से लेकर एफआईआर की जांच, अदालती प्रक्रिया से वाकिफ होने के लिए अब इंजीनियरिंग और कानून की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट आगे आने लगे हैं। कानून की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट को तो डिग्री के बाद अदालत में प्रेक्टिस के दौरान पुलिस का सामना करना ही पड़ता है, लेकिन इंजीनियरिंग स्टूडेंट भी अब सायबर अपराध के बढ़ने से इसको लेकर ज्यादा गंभीर हो गए हैं। इस कारण इंजीनियरिंग कॉलेज और कानून की पढ़ाई कराने वाले संस्थानों ने पुलिस की इंटर्नशिप जरूरी मानते हुए डीजीपी के समक्ष यह प्रस्ताव रखा था।
प्रतिष्ठित संस्थानों के स्टूडेंट बने इंटर्न
बताया जाता है कि प्रदेश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान मैनिट, गोविंदराम सेकसरिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (जीएसआईटीएस), नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट ऑफ यूनिवसिर्टी (एनएलआईयू) आदि के स्टूडेंट पुलिस की इंटर्नशिप कर रहे हैं। डिग्री के अंतिम वर्ष में परीक्षा के आसपास इंटर्नशिप का समय तय किया गया है। इसकी अवधि छह सप्ताह से तीन महीने तक रखी गई है। निजी कंपनियों की तरह पुलिस से भी इन स्टूडेंट को व्यवहारिक प्रशिक्षण का सर्टिफिकेट मिलेगा।
संस्थानों ने की पहल
कानून और इंजीनियरिंग के स्टूडेंट को इंटर्नशिप प्रोग्राम दिए जाएंगे। संस्थानों द्वारा भेजे जाने वाले स्टूडेंट को भी इस प्रोग्राम में लिया जाना है। अभी इसकी शुरूआत हुई है और कुछ संस्थानों ने इसमें पहल की है – आरके शुक्ला, डीजीपी






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