ग्वालियर। स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 के लिए इसी माह आने वाली केन्द्रीय टीम ने नगर निगम अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। अधिकारियों के चेहरे पर इसकी चिंता भी दिखने लगी है। मंगलवार को अपर आयुक्त रिंकेश वैश्य ने स्वच्छता को लेकर क्षेत्राधिकारियों व वार्ड स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक ली। इसमें अधिनस्थ अधिकारियों ने साफ कह दिया कि निगम की कार्यशाला से उन्हें न तो ट्रैक्टर,ट्रॉली मिल रहे न मशीन। कहां से सफाई कराया और कचरे को उठवाएं। निगम की कार्यशाला पर अंगुली उठने से मामला गरमा गया।उपायुक्त जागेश श्रीवास्तव ने कहा कि शहर को खुले में शौच मुक्त होने का तमगा फिर मिल गया। अब स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए दिन रात एक करना है। लेकिन इसके लिए संसाधन देना होंगे। क्षेत्राधिकारियों ने भी इसी मुद्दे पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि डस्टबिन की मांग रहे हैं लेकिन नहीं मिल रहीं। सफाई कर्मियों को किट चाहिए, वह भी नहीं मिल रही। सीवर सफाई के लिए मशीन की मांग करते हैं तो 4-6 दिन बीत जाते हैं।अधिकारियों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए तो अपर आयुक्त रिंकेश वैश्य ने कहा कि क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया(क्यूसीआई) की टीम कभी भी आ सकती है। यही समय है जब पूरी मुस्तैदी के साथ काम करना है। इसलिए मौजूद संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जाए और तालमेल बनाकर काम किया जाए।



