ग्वालियर।हाईकोर्ट की युगल पीठ में बुधवार को नगर निगम ने लक्ष्मीगंज मुक्तिधाम की हालत को सुधारने के लिए दिए आदेशों की पालन प्रतिवेदन रिपोर्ट पेश कर दी। निगम की ओर से बताया गया कि स्लाटर हाउस केदारपुर शिफ्ट कर दिया है, लेकिन ग्रामीण उसका विरोध कर रहे हैं और कर्मचारियों के साथ मारपीट कर रहे हैं। मुक्तिधाम से कचरा भी हटा दिया गया है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया।रामनारायण शर्मा ने मुक्तिधाम की बदहाली को लेकर जनहित याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि मुक्तिधाम में कचरा पड़ा हुआ है। स्लाटर हाउस से आने वाली बदबू से लोगों को खड़ा होना मुश्किल हो जाता है। हाईकोर्ट ने स्लाटर हाउस को शिफ्ट करने, भस्मक लगाने, कचरा उठाने, सफाई व्यवस्था करने के साथ-साथ प्रकाश की व्यवस्था करने का आदेश दिया था। पहुंच मार्ग को भी चौड़ा करने का आदेश कोर्ट ने दिया था। कोर्ट ने नगर निगम से पालन प्रतिवेदन रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन पालन प्रतिवेदन रिपोर्ट पेश नहीं करने पर आयुक्त पर 10 हजार रुपए का हर्जाना भी लगाया था। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने नगर निगम की पालन प्रतिवेदन रिपोर्ट पर आपत्ति करते हुए बताया कि अभी सड़क चौड़ी नहीं हुई हैं। मुक्तिधाम पर प्रकाश व्यवस्था भी नहीं की गई है। यह दो काम शेष रह गए हैं। कोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया।
हर्जाने की राशि माफ करने की मांग
नगर निगम आयुक्त की ओर से 10 हजार के हर्जाने की राशि को माफ करने का आवेदन पेश किया गया है। सुनवाई के दौरान निगम के अधिवक्ता ने इस ओर कोर्ट का ध्यान आकर्षित किया। कोर्ट ने पुनर्विचार करने के लिए कहा है।





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