मेरे क्षेत्र की जनता बिकाऊ नहीं है, इसे खरीद नहीं सकते: ज्योतिरादित्य सिंधिया
कहा-मेरी जनता का दिल जीतना है तो उसे दिलकर खोलकर जीतना होगा
शिवपुरी। जब किसानों को पीटकर मन नहीं भरा तो आदिवासी सम्मेलन किया गया। उस सम्मेलन में मेरी महिलाओं को खाना के पैकिट नहीं दिए गए। मेरी आदिवासी समाज रानी दुर्गाबाई की समाज है, रानी अहिल्याबाई की समाज है उनके लिए और कोई नाम इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। देश के नामों और निशान बनता है आदिवासी समाज, उक्त बात पूर्व केन्द्रीय मंत्री और क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा कोलारस में सभाओं को संबोधित करते हुए कही। री सिंधिया ने कहा कि अभी केपी सिंह अपने उद्बोधन में बता रहे थे कि आदिवासियों को एक-एक हजार रुपए दिए जा रहे हैं, तो शिवराज सिंह जी आप कान खोलकर सुन लो मेरी आदिवासी समाज बिकाऊ समाज नहीं है। मेरी क्षेत्र की जनता को आप खरीद नहीं सकते। मेरी क्षेत्र का दिल जीतना है तो वह अपने दिल खोलकर जीतना होगा पैसे से नहीं जीता जाएगा। चाहे जाटव समाज हो, चाहे आदिवासी समाज हो, चाहे धाकड़ समाज हो और चाहे रघुवंशी समाज हो। उन्होंने रघुवंशी समाज से कहा कि आपके समाज के साथ दुव्यर्वहार अशोकनगर के थाने में जो आत्महत्या के आधार पर हुआ उसकी लड़ाई भी मैंनेैं संसद में उठकर लड़ी।
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एक महीने में बंध जाएंगे विदेशी पर्यटकों के बोरी बिस्तर
श्री सिंधिया ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आप असली और नकली को पहचानो। जो नकली विदेशी पर्यटक यहां कोलारस में आ रहे हैं मैं आपसे निवेदन करना चाहता हूं इनके एक महीने बाद बोरी बिस्तर बांधकर जाएं। श्री सिंधिया ने कहा कि आपकी पानी की लड़ाई हो, हाईवे की लड़ाई और सब स्टेशनों की लड़ाई मैंने आपके साथ लड़ी है। आदिवासी और जाटव मोहल्ले को एक बत्ती मुफ्त कनेक्शन कांग्रेस के ऊर्जा मंत्रालय से मैंने दिलवाई है और आज यह पर्यटक विदेशी पक्षी आ रहे हैं पेड़ पर बैठने के लिए। ये डगार-डगार से ताकने के लिए। उडऩ खटोले से टपक-टपक के आ रहे हैं।
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ऐसे झूठे मुख्यमंत्री मैंने अपनी जिंदगी में नहीं देखे
श्री सिंधिया द्वारा मुख्यमंत्री एवं भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि जो व्यक्ति मेरे रामसिंह के न रहने के बाद श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए इनके घर में आते हैं और फिर से कोलारस आकर उन्हीं की ही बेइज्जती करते हैं कि रामसिंह जी ने उनसे कभी भी विकास का कार्य नहीं मांगा। ऐसे झूठे मुख्यमंत्री को मैंने जिंदगी में नहीं देखा। इस चुनाव में उसका भी बदला लेना होगा जो व्यक्ति यहां आकर उस व्यक्ति जो दुनिया में नहीं है उसका अपमान करता है वह व्यक्ति कभी हिन्दुत्व व हिन्दू परंपरा का पालन नहीं करता है इस सच्चाई को जानो।
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कोलारस ही नहीं पूरे प्रदेश में छाए हैं अन्याय के बादल
समाज समाज के सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री सिंधिया ने कहा कि आज जो जाटव समाज का सम्मेलन आयोजित किया गया है वह इस बात का प्रमाण है कि आप और हम बाबा साहेब अम्बेडकर के पथ पर चलते हुए जो सीख उन्होंने हमें सिखाई थी कि जब भी अन्याय आपके सामने दिखे तो उस अन्याय के विरूद्ध संगठित होकर पूरे जाटव और अनुसूचित समाज को साथ में मिलकर उस अभियान में जुडऩा होगा। मुझे गर्व है मेरे जाटव समाज और अनुसूचित समाज पर। जब यह अन्याय के बादल कोलारस में ही नहीं, बल्कि यह अन्याय का बादल पूरे मप्र में छा रहा है तो आज पूरा जाटव समाज पांचों उंगलियों के रूप में नहीं, बल्कि एक मुट्ठी बनकर मेरे सामने बैठे हैं उस अन्याय का बदला लेने के लिए। श्री सिंधिया ने कहा कि बाबा अम्बेडकर जी की सोच थी कि एक सामंतता का भारत, एक एकता का भारत हो। जब वह एक-एक व्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए आगे बढ़े थे तो आजादी के बाद पं. नेहरू के मंत्रीमंडल में आकर संविधान के निर्माता के रूप में नक्षत्र की तरह उभरे थे। एक दल जो देशभक्ति की बात करता है, वहीं ये दल, संगठित पार्टी के लोग इस देश से बाबा साहेब और नेहरू जी के जमाने में लाए हुए हर क्षण को समाप्त करना चाहते हैं।





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