बुजुर्ग दंपत्ति से 25 लाख की ठगी करने वाले बटाईदार पर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज, सूटकेस में रुपयों की जगह निकले थे कागज के टुकड़े, कांच की बोतल

शिवपुरी। रन्नौद कस्बे में जमीन का सौदा कर रकम अदा करने के नाम पर भूमि स्वामी को कागजों से भरा सूटकेस थमाने का मामले में कोतवाली पुलिस ने जाँच के बाद आरोपी रमजान पुत्र यासिन खान निवासी रन्नौद के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है।

जानकारी के अनुसार शिवपुरी के कमलागंज निवासी राधेश्याम सोनी पुत्र गौरीशंकर सोनी की रन्नौद कस्बे में साढ़े 4 बीघा जमीन है। इस जमीन को बटाईदार रमजान पुत्र यासीन खान से 25 लाख रुपए में तय हो गया। इसके बाद 22 मई को रजिस्ट्रार कार्यालय शिवपुरी में रजिस्ट्री कराने पहुंचे। यहां रमजान से सूटकेस थमा दिया, लेकिन उसने चाबी नहीं दी और भाग गया। मामले की शिकायत रजिस्ट्रार कार्यालय में करने के बाद गुरुवार को सिटी कोतवाली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। सिटी कोतवाली पुलिस राधेश्याम को लेकर रन्नौद पहुंची और रमजान को बुलाया। दोनों की मौजूदगी में सूटकेस खुलवाया तो उसमें नोटों के स्थान पर कागज के टुकड़े व कांच की दो बोतलें निकली थी। जाँच के बाद से पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है। 

इस तरह दिया था ठगी को अंजाम

पीड़ित दंपत्ति 
राधेश्याम सोनी के मुताबिक रमजान के साथ जमीन का 25 लाख में सौदा करने के बाद 22 मई को रजिस्ट्री कराने पहले कोलारस पहुंचा। यहां सूटकेस खोलकर पैसे देखने की बात राधेश्याम ने कही तो रमजान कहने लगा कि ताऊ तुम्हारे साथ धोखा नहीं करूंगा। जब कोलारस में रजिस्ट्री नहीं हो सकी तो रजिस्ट्रार कार्यालय शिवपुरी आ गए। यहां रजिस्ट्री पर हस्ताक्षर करने से पहले राधेश्याम ने फिर सूटकेस खोलने की बात कही। रमजान ने दूसरी बार भी भरोसा दिलाकर सूटकेस नहीं खोला। रजिस्ट्री पर हस्ताक्षर होते ही तीसरी बार फिर सूटकेस खुलवाने की बात कही। इस बार रमजान ने घर जाकर सूटकेस खोलकर रकम देखने की बात कही। कमलागंज शिवपुरी स्थित घर जाकर सभी ने चाय पी। जब सूटकेस खोलने की बारी आई तो रमजान ने कहा कि वह सूटकेस की चाबी बाहर खड़ी गाड़ी में छोड़ आया है। चाबी लाने की बात कहकर चला गया। करीब पांच मिनट बाद भी जब रमजान नहीं लौटा तो बाहर जाकर देखा। मौके से गाड़ी गायब थी। ठगी की आशंका होते देख राधेश्याम अपनी पत्नी व बेटे दीपक को लेकर सीधे रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचे। यहां रजिस्ट्रार कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई और फिर कोतवाली पुलिस को सूचित किया।