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कलश चोरी मामला- ज्ञापन सौंपकर सात दिनों में मामले का खुलासा करें अथवा सौंपे CBI को जांच

रना 8 सितंबर से अनिश्चित कालीन बाजार बंद कर तंबू गाड़कर करेंगे क्रमिक अनशन

खनियांधाना( सचिन मोदी ), विगत एक माह पूर्व 26 – 27 जुलाई की रात को खनियाधाना राज महल स्थित राम जानकी मंदिर से करीब आधा क्विंटल वजनी स्वर्ण कलश चोरी का मामला अब शासन एवं प्रशासन के लिए गले की फांस बनता जा रहा है । इतने दिनों बाद भी आज तक पुलिस प्रशासन इसका कोई सुराग नहीं ढूंढ सकी है । घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बाजार बंद कराकर ज्ञापन दिया था जिस पर पुलिस प्रशासन की समझाइश व  बात मानकर लोग शांत हो गए थे तथा  एसपी और आईजी  समेत  वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी शीघ्र ही कलश चोरी का पर्दाफाश करने का  दावा किया था तथा इसके लिए  पुलिस की ओर से तीस हजार तथा राजमहल परिवार की ओर से भी एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था लेकिन कोई सुराग नही मिलते देख अब खनियाधाना के लोगों के सब्र का बांध टूटने लगा और आज शुक्रवार को दोपहर में राजमहल में खनियाधाना सहित आसपास के क्षेत्र सभी समाजों के सैकड़ों लोग एकत्रित हुए तथा मीटिंग में यह निर्णय लिया गया कि आगामी सात दिनों तक यदि इस चोरी का खुलासा नहीं नहीं हुआ तो अब आम जनता को व्यापक आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा जिसके लिए मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन तहसील कार्यालय में नायब तहसीलदार गुर्जर को सौंपा गया जिसमें इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई है तथा यदि सात दिनों में कोई कार्यवाही नहीं हुई तो 8 सितंबर से खनियाधाना का बाजार अनिश्चित काल के लिए बंद कराकर बस स्टैंड पर तंबू गाड़कर क्रमिक अनशन पर बैठेंगे तथा जब तक सीबीआई जांच की मांग पूरी नहीं हो जाती तब तक आंदोलन जारी रहेगा ।

आंदोलनों के लिए विख्यात है खनियांधाना

कलश चोरी के इस मामले में करीब 1 माह से शान्ति पूर्वक पुलिस की कार्यवाही का इंतजार कर रही आम जनता में अब आंदोलन की व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू हो रही है जिसका मुख्य कारण है कि आज भी मीटिंग में सभी धर्मों के तथा सभी राजनीतिक दलों के लोग एक साथ बैठे दिखाई दिए जो प्रशासन के लिए मुसीबत का सबब बन सकता है । वैसे भी खनियाधाना नगर का मिजाज कुछ अलग हटकर रहता है जब भी यहां पर आंदोलन होता है वह हमेशा बड़ा रूप धारण कर लेता है जबकि यह मामला तो राज महल और राम जानकी मंदिर के स्वर्ण कलश चोरी का मामला है जिसमें जिससे नगर एवं क्षेत्र के लोगों में भारी जन आक्रोश है। खनियाधाना राज महल के प्रति लोगों का प्रेम और लगाव आज भी है और राजमहल परिवार के शैलेंद्र प्रताप सिंह जो कि इस समय नगर परिषद अध्यक्ष है तथा कौशलेंद्र कौशलेंद्र प्रताप सिंह अब सड़कों पर उतरने का मन बना चुके है तथा बैठक में मौजूद जनता ने भी आखरी सांस तक आंदोलन में साथ देने का वादा किया है जिसके लिए आंदोलन की आगामी रूपरेखा के लिए 21 सदस्य कमेटी का गठन किया गया है ताकि यदि सीबीआई जांच की मांग पूरी नहीं होती है तो आंदोलन की आगामी रूपरेखा तैयार कर सकें । पुलिस प्रशासन ने यदि समय रहते कारगर कदम नहीं उठाए तो है चिंगारी ज्वालामुखी बनकर फूट सकती है इस संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता ।
इसके पूर्व भी सन 1998 – 99 में खनियाधाना के समीप स्थित प्राचीन जैन तीर्थ श्री गोलाकोट जी से अज्ञात चोरों द्वारा 32 जैन प्रतिमाओं के सिर काटने के घटना के बाद उग्र आंदोलन हुआ था जिसमें कई दिनों तक खनियांधाना के बाजार अनिश्चित समय तक बंद रहे जिसके बाद इसकी सीबीआई जांच कराई गई और सभी आरोपी जैन प्रतिमाओं के मस्तक के साथ पकड़े गए थे । इसलिए आम जनता की यही मांग है यदि सीबीआई इस मामले की जांच करें तो मामले का खुलासा हो सकता है
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