Press "Enter" to skip to content

दूसरी बड़ी चोरी ने खोली पुलिस के दावों की पोल, आदिनाथ जैन मंदिर से डेढ़ करोड़ की पांच सौ साल पुरानी 22 अष्ट धातु की मूर्तियां चोरी

पूर्व में रामजानकी मंदिर से 15 करोड़ का सोने का कलश भी हुआ था चोरी, नहीं लगा था सुराग
शिवपुरी। खनियांधाना के राजघराने में स्थित रामजानकी मंदिर से 15 करोड़ के सोने का कलश चोरी होने की वारदात का पुलिस अभी तक खुलासा नहीं कर सकी और बीती रात्रि क्षेत्र के ग्राम अछरौनी में स्थित आदिनाथ जैन मंदिर में घुसकर चोरों ने दुस्साहसिक अंदाज से अष्ट धातु की 500 साल पुरानी 22 तीर्थंकरों की मूर्तियां चोरी कर पुलिस के समक्ष चुनौती खड़ी कर दी है। इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई और पुलिस भी घटना के बाद सकते में आ गई और आनन-फानन में एसपी राजेश हिंगणकर मौके पर पहुंंच गए। इन दोनों बड़ी चोरियां ने पुलिस के उन दावों की पोल खोलकर रख दी है जिन पर दावों पर पुलिस अपनी पीठ थपथपाती थी। चोरी जानकारी लगने पर एफएसएल टीम और डॉग स्क्वॉट मौके पर पहुुंचा, लेकिन पुलिस को ऐसा कोई अहम सुराग नहीं लगा जिससे वह चोरों तक पहुंच सके।
जानकारी के अनुसार खनियांधाना क्षेत्र के अछरौनी में जैन तीर्थंकर भगवान की मूर्तियां आदिनाथ जैन मंदिर में जैन धर्मावलंबियों के दर्शनों के लिए स्थापित की गई थी जिस कारण मंदिर की ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई है और जैन समाज के लोग भगवान की अष्ट धातु से निर्मित प्रतिमाओं के दर्शनों के लिए बड़ी संख्या में पहुंचते थे। पर्यूषण पर्व के शुरू होने से पूर्व कल मंदिर विशेष रूप से सजाया गया था और रात्रि में मंदिर के पुजारी प्रतिदिन की तरह मंदिर के पट बंद कर वहां चले गए। इसी दौरान रात्रि में कोई अज्ञात चोरों ने मंदिर के मुख्य दरबाजे का ताला तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन चोर उसमें सफल नहीं हो सके तो चोरों ने मंदिर की दीवार लांघकर दूसरी मंजिल पर पहुंच गए। जहां दूसरी मंजिल पर वेदी का ताला तोड़कर कांच के बॉक्सों में रखी जैन तीर्थंकर की 22 अष्ट धातु से निर्मित प्रतिमाएं अपने साथ ले गए। जबकि चोर पाषाण की दो प्रतिमाओं को वहीं छोड़ गए। आज सुबह जैन समाज के सुरेशचंद जैन वहां दर्शन करने पहुंचे तो उन्हें चोरी की जानकारी लगी जिस पर उन्होंने मंदिर प्रबंधन और जैन समाज के लोगों को घटना की जानकारी दी। बाद में पुलिस को भी मौके पर बुला लिया गया। 

More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!