
शिवपुरी। शिवपुरी की राजनीति कहीं न कहीं महल के इर्द गिर्द घूमती है और शिवपुरी जिले में 5 विधानसभा सीटे है जिसमें से शिवपुरी से भाजपा से यशोधरा राजे सिंधिया शिवपुरी से कांग्रेस की तलाश अभी भी जारी है और समय का इंतजार किया जा रहा है अब बात करते है बगावत की तो शिवपुरी में कांग्रेस से बगावत करके हरिबल्लभ शुक्ला सपाक्स से उम्मीदवार हो सकते है ऐसे समीकरण बनते नजर आ रहे है।
संभावनाऐं पूरी-पूरी है अगर ऐसा होता है तो शिवपुरी की राजनिति में नया इतिहास रच सकता है और श्रीमंत को दिक्कत आ सकती है, लेकिन सीट फिर भी भाजपा शिवपुरी से निकल लेगी ऐसी उम्मीद जताई जा सकती है।
अब बात करते है पोहरी सीट की क्या पोहरी विधानसभा में सिर्फ किरार समाज ही निवास करता है और अन्य समाजों को तो नगण्य घोषित कर दिया, क्योंकि प्रमुख दोनों दल भाजपा एवं कांग्रेस ने जैसे कि पोहरी विधानसभा में आदिवासी, जाटव, कुशवाहा, कायस्थ, धोबी, ब्राह्मण, कोरी, वैश्य, बनिया, मुसलमान, ओझा (बाढ़ई) एवं अन्य समस्त समाज तो निवास नही करती और इन दोनों दलों ने पूर्ण रूप से उपेक्षा की है और इसका असर तो पूरे चुनाव में देखने को मिलेगा और इसके साथ इसका व्यापक असर विधानसभा के साथ लोकसभा में भी देखने को मिल सकता है और इन समीकारणों से तो इस समय सीट सिर्फ और सिर्फ किसी अन्य पार्टी जैसे बसपा के कैलाश कुशवाहा या अन्य किसी सपाक्स के समीकरणों पर पहुंच रही है।
करैरा से भी रमेश खटीक का टिकट कटने के बाद वो जनता की आवाज पर बगावत के तेवर जोर मार सकते है और सपाक्स से टिकट पर चुनाव में कूद सकते है और चुनाव लड़ सकते है।
हरिवल्लभ शुक्ला सपाक्स शिवपुरी, पोहरी नरेंद्र बिरथरे, करैरा रमेश खटीक क्या वाकई में इतिहास रचा जाएगा?






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