

भोपाल। मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के नगर पालिका अध्यक्ष प्रहलाद बंधवार की 17 जनवरी की शाम को गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस के मुताबिक प्रहलाद बंधावर नई आबादी के गोल चौराहे के पास सहकारी बैंक के बाहर खड़े थे. इसी दौरान बुलेट सवार एक आदमी आया और उसने नज़दीक से निशाना साधकर प्रहलाद बंधावर को गोली मार दी. गोली प्रहलाद के सिर में लगी. गोली मारने के बाद हमलावर ने बुलेट स्टार्ट करने की कोशिश की और जब वो स्टार्ट नहीं हुई तो उसे छोड़कर फरार हो गया. आसपास मौजूद लोग प्रहलाद को एक ऑटो रिक्शा से अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
इस हत्याकांड से ठीक एक दिन पहले इंदौर में भी एक डिब्बा कारोबारी संदीप अग्रवाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस की तफ्तीश में सामने आया है कि शॉर्प शूटर को पांच करोड़ रुपये देकर ये हत्या करवाई गई थी. 24 घंटे के अंदर दो हाई प्रोफाइल हत्याकांड के बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हरकत में आए. उन्होंने ट्वीटर पर लिखा कि वो 18 जनवरी को प्रहलाद बंधावर के घरवालों से मिलूंगा. शिवराज सिंह चौहान ने लिखा कि कांग्रेस सरकार के आते ही अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए हैं.
वहीं पुलिस इस हत्याकांड की तफ्तीश कर रही थी और आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही थी. इलाके के सीएसपी राकेश मोहन शुक्ला ने बताया कि बुलेट सवार आरोपी की पहचान मनीष बैरागी के रूप में हुई है. वो बीजेपी का नेता है और प्रहलाद बंधवार का सहयोगी रहा है. उसने जमीन विवाद की वजह से प्रहलाद बंधवार की हत्या की है. पुलिस के मुताबिक मनीष दलौदा में एक जमीन अपने नाम करवाना चाहता था. लेकिन प्रहलाद बंधवार ने उसे जमीन आवंटित नहीं की. इस वजह से मनीष नाराज था और उसने प्रहलाद की गोली मारकर हत्या कर दी और फरार हो गया.
पुलिस के मुताबिक मनीष के भाई के साथ ही दो और लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. वहीं मनीष अब भी फरार है. उसपर पहले से भी हत्या, हत्या की कोशिश, आर्म्स ऐक्ट और ड्रग्स की तस्करी का केस दर्ज है.
प्रहलाद बंधवार जब नगर पालिका का चुनाव लड़ रहे थे, तो उन्हें पैसों की ज़रूरत थी. इसके लिए मनीष बैरागी से ब्याज पर पांच लाख रुपये का कर्ज लिया और उस पैसे को बंधवार के चुनाव में खर्च किया. बंधवार चुनाव जीत गए, तो मनीष ने उनसे अपने पैसे वापस मांगे. बंधवार ने पैसे नहीं दिए. इसके अलावा बंधवार ने मनीष की कई गुमटियों को हटवाने की धमकी दी. इस बात से मनीष नाराज था. 17 जनवरी की शाम को भी वो बंधवार से पैसे लेने के लिए ही गया था. एक प्रत्यक्षदर्शी लोकेंद्र कुमावत के मुताबिक मनीष ने पहले प्रहलाद को नमस्ते किया, बात की और फिर विवाद होने पर पिस्टल निकालकर दो गोलियां मार दी. ये वही मनीष बैरागी है, जो दिसंबर 2015 में प्रहलाद बंधवार के जीतने के बाद निकाले गए विजय जुलूस में प्रहलाद बंधवार की गाड़ी चला रहा था.
इसके अलावा पुलिस ने एक और संदिग्ध भूरा को भी हिरासत में लिया है. कहा जा रहा है कि भूरा ने प्रहलाद बंधवार को जमीन दिलाने के लिए 45 लाख रुपये लिए थे. भूरा न तो जमीन दिला रहा था और न ही उनके पैसे वापस लौटा रहा था.






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