
विकास की आंधी पेड़ो की आहुति सड़क निर्माण मैं वर्षो पुराने पेड़ो की दी जा रही आहुति लोगो ने जताई चिंता
रानू राजपूत करैरा। शहर की कॉलेज रॉड बनाने के नाम वर्षों पुराने पेड़ो पर चल रही आरी के विरोध में सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक विरोध शुरू हो गया है। पेड़ों को जीवनदाता बताते हुए कटाई के विरोध में सैकड़ों कमेंट सामने आ रहे हैं लेकिन पेड़ की बलि देने में प्रशासन कमी नहीं कर रहा है।
करैरा कॉलेज रोड निर्माण में कटे सालों पुराने पेड़ को लेकर लोगों की संवेदनाएं सामने आ रही हैं। कुछ कह रहे हैं एेसा विकास किसी काम का नहीं तो कुछ अफसरों को कोस रहे हैं। लोगों कहना है कि एक तरफ पेड़ लगाने के लिए बड़ी बड़ी बाते कर नगर पंचायत पर्यावरण संरक्षण के नाम पर वाहवाही लूटी जा रही है, दूसरी ओर शहर के पेड़ काटे जा रहे हैं जो हमारी पीढ़ी को छाया दे चुके हैं।
*कटाव नही रुका तो देंगे ज्ञापन*
करैरा विकासक्रांति के सदस्यों ने बचे हुए पेड़ों को काटने से रोकने के लिए अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन देने की बात कही। विकासक्रांति स्वयंसेवक विनय मिश्रा ने कहा की शहर में विकास के नाम पर काटे जाने वाले वर्षों पुराने पेड़ों के विरोध में जल्द ही वह अनुविभागीय अधिकारी को को ज्ञापन देकर अवगत कराएंगे और जन आंदोलन की चेतावनी दी।
*पेड़ काटना निंदनीय*
वार्ड पार्षद सुमित तिवारी ने कहा कि एक ओर सरकार ऑक्सीजोन निर्माण पर लाखों रुपए खर्च कर रही है, वहीं नीम जैसे धार्मिक महत्व वाले पेड़ को बेरहमी से काटा जा रहा है, जिन पेड़ो को अभी तक काटा जाना वे काफी पुराने है
*बिना अनुमति के काटे जा रहे पेड़*
सामाजिक कार्यकर्ता विनय मिश्रा ने फेसबुक से विरोध जताया। उन्होंने मौके पर पेड़ काटने पहुंचे कर्मचारियों से पेड़ों को काटने की अनुमति के दस्तावेज मांगे, जो उनके पास नहीं थे। उन्होंने पेड़ काटने के विरोध करते हुए कहा कि कहा कि राजधानी की जनता को हक है अपने शहर के एक-एक पेड़ का हिसाब लेने का।
*पेड़ काटने का हमे हैं पूरा अधिकार नप*
वही नगर पंचायत CMO रामनिवास शर्मा से पेड़ काटने के बारे मैं पूछा तो उन्होंने मध्यप्रदेश शासन के नियम को ताक पर रखते हुये अपना अधिकार बताया पेड़ों को निर्माण को बाधक ठहराकर सफाई दी व बरसात के समय अन्य पेड़ो को लगाने ओर उन्हें पेड़ो के लगने तक सरक्षंण नगर पंचायत द्वारा करने की बात कही






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