
रखौरा में चल रही श्रीराम कथा महोत्सव में मंगलवार को सुश्री ज्योती शास्त्री ने श्रीराम विवाह और परशुराम-लक्ष्मण संवाद प्रसंग का वर्णन किया। इस दौरान श्रीराम विवाह प्रसंग की काव्य के रूप में भी व्याख्या किया गया।
पिछोर की ग्राम पंचायत आगरा के ग्राम रखौरा में स्थित माता मंदिर मैदान में चल रही राम कथा महोत्सव में कथा बाचक सुश्री ज्योती शास्त्री ने कथा का प्रारंभ धनुष यज्ञ प्रसंग से किया। इसके बाद भगवान श्रीराम द्वारा शिवजी का धनुष भंजन करने और धनुष भंजन पर भगवान परशुराम के स्वयंवर में पहुंचकर क्रोधित होने के प्रसंग का वर्णन किया गया। भगवान परशुराम और लक्ष्मण जी के संवाद का वर्णन करते हुए भगवान राम के शालीन स्वभाव का वर्णन करते हुए बताया कि किस प्रकार भगवान राम ने शांत स्वाभाव से भगवान परशुराम का क्रोध शांत किया। इसके बाद चारों भाइयों के विवाह का प्रसंग सुनाया गया। कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीराम चेतना के प्रतीक हैं और मां सीता शक्ति का स्वरूप हैं। कथा व्यास ने सीता पंचमी के महत्व को भी विस्तार से समझाया। इसके बाद प्रभु श्रीराम, मां सीता और लक्ष्मण जी के वनगमन के प्रसंग का वर्णन किया गया।






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