सर्व ब्राह्मण महासभा का होली मिलन समारोह आयोजित
सर्व ब्राह्मंण महासभा द्वारा होली मिलन समारोह का आयोजन स्थानीय कालिया मर्दन मंदिर पुरानी शिवपुरी में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ निर्धारित समय अनुसार सुबह 11 बजे किया गया। सर्वप्रथम भगवान परशुराम का पूजन सभी सदस्यों द्वारा किया गया पूजन पंडित केदार समाधिया एवं दिनेश शास्त्री के द्वारा कराया गया। भगवान के पूजन के उपरांत सभी उपस्थित सदस्यों को तिलक लगाया गया एवं कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। इसके उपरांत उपस्थित सदस्यों का सर्व ब्राह्मंण महासभा के प्रदेश संगठन मंत्री बृजेश बिरथरे के द्वारा माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।
माल्यार्पण के उपरांत वक्ताओं के द्वारा अपने उद्बोधन दिए गए जिसमें सर्वप्रथम पंडित केदार समाधिया के द्वारा समाज को किस तरह इकट्ठा किया जाए एवं होली के पर्व पर विस्तृत रूप से उद्बोधन दिया गया तथा समाज को जागृत किए जाने हेतु इस तरह के आयोजन करने हेतु आह्वान किया गया।
तत्पश्चात अगले वक्ता के रूप में प्रमोद भार्गव पत्रकार के द्वारा अपना उद्बोधन दिया गया और रामचरितमानस वाल्मीकि रामायण महाभारत तथा अपने अन्य ग्रंथों के माध्यम से समाज को उचित दिशा दिखाए जाने हेतु आह्वान किया गया तथा समाज को एक करने पर बल दिया गया।
इसके बाद में गिरीश मिश्रा मामा के द्वारा अपना उद्बोधन भारतीय संस्कृति एवं संस्कार के ऊपर दिया गया जिसमें उनके द्वारा कहा गया कि ब्राह्मण समाज का मुख होता है और जब वह अच्छे आचरण करेगा तो समाज में अपने आप ही अच्छे संस्कारों का प्रचार-प्रसार होगा।
कार्यक्रम के संचालक अरविंद भार्गव के द्वारा सभी उपस्थित सदस्यों को होली मिलन एक दूसरे को गुलाल लगाकर बनाए जाने हेतु निवेदन किया गया उसके पश्चात सभी सदस्यों के द्वारा आपस में मिलकर एक दूसरे को गुलाल लगाकर जोरदार तरीके से ऐतिहासिक रूप से सर्व ब्राह्मण महासभा के बैनर तले होली मिलन समारोह मनाया गया। उपस्थित वरिष्ठ जनों के द्वारा अपने अनुभवों को आशीर्वाद दिया गया तथा छोटों के द्वारा बड़ों को तिलक लगाकर उनसे आशीर्वाद लिया गया इसके पश्चात सभी विप्र बंधुओं ने एक साथ बैठकर भोजन का आनंद लिया। कार्यक्रम का समापन किया गया।




