
अनुशासन, धैर्य के साथ बौद्धिक विकास करती हैं शाखा: श्रीमती तारे
ग्वालियर। राष्ट्र सेविका समिति का पांच दिवसीय आवासीय शिविर सेवाभारती के छात्रावास में संपन्न हुआ जिसमें 35 बालिकाओं ने भाग लिया। किशोरियों के व्यक्तित्व विकास को लेकर यह शिविर लगाया गया। बच्चियों का शारीरिक और मानसिक विकास हो इस हेतु विभिन्न गतिविधियों की गई। शारीरिक विकास के लिए योग, व्यायाम, दण्ड अभ्यास करवाया गया। वहीं वौद्धिक विकास हेतु विभिन्न विषयों पर परिचर्चा और बौद्धिक रखा गया। कार्यशाला के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और भारतीय त्यौहारों के महत्व को समझाया गया। शिविर में वृत्त का वाचन शिविर वर्गाधिकारी श्रीमती अंजली हार्डिकर जी ने दिया। मुख्य अतिथि के रूप में डीआईजी आईटीबीपी ने अपना वौद्धिक दिया। मुख्य वक्ता की आसंदी से बोलते हुए श्रीमती महिमा तारे ने सदगुण निर्मित परम पूज्यनीय डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन पर प्रकाश डालते हुए केन्द्र शाखा विषय पर बच्चियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि नियमित शाखा व्यक्ति में आज्ञा पालन के साथ-साथ अनुशासन और धैर्य का निर्माण करती हैं। साथ ही शारीरिक मानसिक वौद्धिकता का विकास करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कार्यक्रम का संचालन रोचन सोनकरे ने किया। अतिथि परिचय नीलू बाथम ने दिया। एकल गीत निष्ठा भसीन ने गाया, आभार जिला कार्यवाहिका स्नेहलता सिंघल ने किया।
प्राथमिक वर्ग में लगातार सात दिन कार्यक्रम आयोजित किए जिसमें समिति परिचय अंजली हार्डिकर द्वारा किया गया। सर्वश्रेष्ठ भारतीय संस्कृति पर बौद्धिक मोनिका शाह, पर्यावरण संरक्षण मनीषा इंदापुरकर, भगवाध्वज हमारा गुरू रोचन सोनटक्के, मतदाता जागरूक और महारानी लक्ष्मी बाई पर लघु नाटक प्रस्तुत किए। साथ ही सीआरपीएफ कैंप में बालिकाओं ने भ्रमण कर सैना के समर्पण भाव के साथ राष्ट्र के कार्य करने की कला सीखी।






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