
एसडीएम निवास के पास में ही हो रहा है अवैध कोचिंगो का कारोबार
पिछोर। पिछोर नगर में लगभग 60 से 70 कोचिंग संचालित हैं जो पूर्णत: अवैध रूप से चल रही हैं इनमें से केवल एक-दो को छोड़कर किसी के पास भी न ही रजिस्ट्रेशन है और ना ही पुलिस वेरिफिकेशन है और शासन द्वारा कोचिंग सेंटर चलाने की जो गाइडलाइन दी गयी है उसकी कोचिंग संचालक धज्जियां उड़ा रहे हैं गाइडलाइन को ताक पर रखकर कोचिंग संचालक विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं विद्यार्थियों के लिए कोचिंग में ना तो पीने के पानी की कोई व्यवस्था है और ना ही शौचालय की कोई व्यवस्था है इसके साथ ही पार्किंग की भी कोई व्यवस्था नहीं है बीच रोड पर गाडिय़ां खड़ी रहती है जिस कारण से आए दिन सड़क पर जाम जैसी स्थिति उत्पन्न होती रहती है खास बात इसमें यह है कि एसडीएम बंगले के पास में ही लगभग 10 से 12 बड़ी-बड़ी कोचिंग चलती है। कोई कोचिंग संचालक दुकान की शटर में पड़ा रहा है तो कोई छोटे से कमरे में अंदर से कुंडी लगा कर पढ़ा रहा है जबकि नियम यह है कि कोचिंग का संचालन 3000 स्क्वायर फीट के कमरे में या बड़े हॉल में करना चाहिए परंतु यहां इसके विपरीत ही हो रहा है इस भरी गर्मी में विद्यार्थियों के लिए कोचिंग में कूलर तक की कोई व्यवस्था नहीं है जबकि कोचिंग संचालक विद्यार्थियों से मनमानी फीस वसूलते हैं पूर्व में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद छात्र संगठन द्वारा इसका विरोध भी किया गया था एसडीएम को ज्ञापन दिया गया था कि सभी कोचिंगों को नियम से चलबाया जाए एवं सभी के रजिस्ट्रेशन एवं पुलिस वेरीफिकेशन कराए जाएं परंतु आला अधिकारी एवं कोचिंग संचालकों की मिलीभगत के कारण इस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई बच्चे निरंतर परेशान हो रहे हैं अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है एक भी कोचिंग में अग्निशामक यंत्र भी नहीं है पूर्व में सूरत में एक घटना हुई थी जिसमें कई विद्यार्थियों की जान चली गई थी लेकिन फिर भी कोचिंग संचालक बराबर लेतलाली बरत रहे हैं और विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। जब अभाविप के प्रांत के अधिकारी गोविंदा शर्मा से इस संबंध में बात की गई तो ने बताया कि पूर्व में हमने इस संबंध में एसडीएम महोदय को ज्ञापन देकर अवगत कराया था और बार बार उन्हें यह समस्या से अवगत कराते रहते हैं परंतु महोदय जी का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। कोचिंग संचालकों का यह दुर्व्यवहार एवं प्रशासन का इस ओर ध्यान ना देना वेहद निंदनीय है।
इनका कहना है
-विद्यार्थी कोचिंग संचालकों को जो फीस देते हैं उसकी एक प्रतिशत भी सुविधा कोचिंग संचालक विद्यार्थियों को उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं काफी समय से हम विद्यार्थियों के हितों की लड़ाई लड़ रहे हैं कि विद्यार्थियों को उनकी मुलभुत सुविधाये मिल सके परंतु प्रशासन इस ओर कोई कार्यवाही नहीं करता है लेकिन हम फिर भी यह लड़ाई जारी रखेंगे और आगामी समय में विद्यार्थियों की सुविधाओं के लिए एक बड़ा आंदोलन करेंगे।
गोविंदा शर्मा
प्रदेश कार्यकारणी सदस्य अभाविप
-एक सप्ताह में हम सभी कोचिंग संचालकों की बैठक बुला रहे हैं जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पुलिस के अधिकारी एवं छात्र संगठन के छात्र नेता उपस्थित रहेंगे इस बैठक में सभी कोचिंग संचालकों को नियमानुसार कोचिंग चलाने के निर्देश दिए जाएंगे।
धर्मेंद्र पटेरिया
विकास खंड शिक्षा अधिकारी पिछोर






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