ग्वालियर . वायुसेना करगिल युद्ध के 20 साल पूरे होने का जश्न मना रही है। सोमवार को ग्वालियर के महाराजपुरा एयरफोर्स स्टेशन को ‘वॉर थिएटर’ में तब्दील किया गया। यहां जम्मू और कश्मीर के द्रास-करगिल क्षेत्र में टाइगर हिल हमले का सीन रिक्रिएट किया।
साथ ही 20 साल पहले हुए युद्ध को नाटकीय रूपांतरण कर बताया। इस दौरान ऑपरेशन विजय में इस्तेमाल मिराज 2000 और अन्य विमानों का भी प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में पांच मिराज-2000, दो मिग-21 और एक सुखोई 30 एमकेआई शामिल किए गए। कार्यक्रम में एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ मुख्य अतिथि रहे। बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के एयर स्पेस बंद करने के सवाल पर धनोआ ने कहा- यह पाकिस्तान की समस्या है। लेकिन ऐसी स्थिति में भारत ने अपना एयर स्पेस बंद नहीं किया।
वायुसेना ने 24 जून, 1999 को टाइगर हिल पर पाकिस्तानी घुसपैठियों पर हमला किया था। इसमें फाइटर जेट मिराज-2000 का भी इस्तेमाल किया गया था। यह पहली बार था, जब वायुसेना ने 17400 फीट की ऊंचाई पर लेजर गाइडेड बम गिराया था। करगिल युद्ध में लेजर गाइडेड बम का इस्तेमाल भी पहली बार हुआ था।
एयर स्ट्राइक कर बताया, घुसपैठ बर्दाश्त नहीं होगी : प्रेस कॉन्फ्रेंस में एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने कहा- करगिल युद्ध हो या बालाकोट की एयर स्ट्राइक, हमारा संदेश साफ है कि सीमा पार से किसी की घुसपैठ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। घुसपैठियों को मुंहतोड़ जवाब मिलेगा। यह संदेश दुश्मन तक साफ तरीके से पहुंच गया है।





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