
कोण्डागांव। छत्तीसगढ़ का कोंडागांव जिला जन्म लेते ही नवजातों को जाति प्रमाण-पत्र देने के मामले में देश का पहला जिला बन गया है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की घोषणा का सबसे पहले क्रियान्वयन करने में कोंडागांव जिला प्रशासन सबसे आगे रहा। अब यहां नवजात को जन्म लेेने के साथ ही जाति प्रमाण पत्र मिलने लगा है।
यहां बुधवार को स्थानीय विधायक एवं पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम द्वारा सात नवजातों चेतना पिता उमेश निवासी आड़काछेपड़ापारा, पुष्पा पिता गंगाधर निवासी बड़े कनेरा, यामिनी पिता उमेश्वर ग्राम किबई बालेंगा, करण पिता सियाराम ग्राम ईंदागांव और तीन अन्य शिशुओं को जाति प्रमाण पत्र प्रदाय किया गया।
उल्लेखनीय है इन सभी शिशुओं का जन्म 28 जून, एक जुलाई एवं 2 जुलाई को स्थानीय जिला अस्पताल में हुआ था। ज्ञात हो कि बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा जाति प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को सरलीकरण करने की बात कही गई थी।
इस परिप्रेक्ष्य में पीसीसी अध्यक्ष नियुक्त होने उपरांत मोहन मरकाम के प्रथम नगर आगमन के अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा उनके हाथों जिला अस्पताल में नन्हें शिशुओं को जाति प्रमाण पत्र दिया गया। इस प्रकार नवजात शिशुओं को जन्म लेते ही जाति प्रमाण पत्र वितरित करने वाला कोण्डागांव न केवल प्रदेश बल्कि देश का पहला जिला बन गया है।



