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पहली गोली आशू ने मारी, सोनू ने छलनी किया सीना, परमाल दे रहा था कवर, राधे सहित 3 गिरफ्तार ! Gwalior News

पहली गोली आशू ने मारी, सोनू ने छलनी किया सीना, परमाल दे रहा था कवर, राधे सहित 3 गिरफ्तार
ग्वालियर । भाजपा नेता के भाई व बिल्डर पंकज सिकरवार को पहली गोली शार्प शूटर आशू तोमर ने मारी थी। फुटेज में दीवार के नीचे छुपकर बैठने वाला वही था। जबकि दूसरा हमला काली टोपी पहने सोनू तोमर ने उसका सीना गोलियों से छलनी कर किया था। दोनों शूटर को कवर देने के लिए खुद शातिर बदमाश परमाल सिंह तोमर अपने चचेरे भाई राधे उर्फ राधेश्याम तोमर के साथ खड़ा था।
वारदात के बाद दोनों शूटर को बाहर निकालने के लिए परमाल और राधे ही बाइक लेकर आए थे। परमाल की बाइक पर सोनू फुटेज में गोलियां चलाता हुआ भाग रहा है। जबकि आशू, राधे की बाइक पर बैठकर भागा था। यह खुलासा मंगलवार को पुलिस ने राधे उर्फ राधेश्याम तोमर को उसके दो साथियों के साथ गिरफ्तार करने के बाद डीआईजी एके पांडे, एसपी नवनीत भसीन, एएसपी पंकज पांडे ने किया है। लगभग हत्या की पूरी कहानी सामने आ गई हैा

हजीरा के वैष्णोंपुरम में 10 जुलाई की दोपहर 1 बजे भाजपा नेता के भाई व बिल्डर पंकज सिकरवार की पहले से घात लगाए शॉर्प शूटर्स ने ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। पंकज के शरीर पर गोली के 12 घाव थे। हत्या के बाद इस मामले में मृतक के भाई ओमकार सिकरवार की शिकायत पर हजीरा थाना में परमाल सिंह तोमर, रमन चौहान, संजय तोमर, भाईजी चौहान व परमाल के भाई राघवेन्द्र तोमर पर नामजद एफआईआर दर्ज की गई थी। घटना के बाद से मिले फुटेज में पूरी वारदात में एक्टिव पॉजीशन में 4 युवक दिखाई दिए थे। जिनमें दो शॉर्प शूटर जिन्होंने घेरकर गोली मारी। जबकि उनको कवर दे रहे और स्पॉट से निकालने वाले सफेद अपाचे व काली पल्सर सवार साथी। फुटेज के आधार पर चेहरा पहचानते हुए पुलिस की टीमों ने काम शुरू किया।
सीएसपी रवि भदौरिया, हजीरा टीआई आलोक सिंह, एसआई मनो, अभिलाख, अंकित, राहुल, प्रधान आरक्षक शैलेन्द्र सिंह चौहान ने मुखबिर को टटोलना शुरू किया तो काली पल्सर सवार बदमाश की पहचान परमाल तोमर के चचेरे भाई राधे श्याम उर्फ राधे तेमार पुत्र सोना तोमर निवासी चापक मुरैना के रूप में हुई। पुलिस की टीमें लगातार उसकी घेराबंदी कर रही थी। सोमवार-मंगलवार दरमियानी रात पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने दो साथी शैलू उर्फ शैलेन्द्र सिंह तोमर पुत्र शिवसिंह तोमर निवासी चापक चिंते का पुरा व बालस्टर उर्फ धीरेन्द्र सिंह पुत्र पुन्नू राजावत भिंड लक्ष्मणगढ़ हाइवे पर उसका इंतजार करते बताए। क्राइम ब्रांच की टीम ने इन दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया है। इनसे पिस्टल व कट्टा मिला है। शैलू और बालस्टर ने हथियार छुपाने में मदद की थी।

अभिषेक का हिसाब चुकता करना है
राधे तोमर शातिर बदमाश परमाल सिंह का चचेरा भाई है। हत्याकांड से कुछ दिन पहले वह उससे मिलने जेल भी गया था। वहां परमाल ने उस तक यह बात पहुंचाई थी कि अभिषेक का हिसाब चुकता करना है। इसके बाद परमाल ने पैरोल पर आते ही उसे साथ लेकर रैकी शुरू की। सब पहले से तय था। पकड़े जाने के बाद पुलिस के सामने राधे ने खुलासा किया है कि वह और परमाल पिस्टल के साथ कवर कर रहे थे। जबकि दीवार के नीचे छुपकर आशू तोमर बैठा था और गली के दूसरे कोने पर सोनू उर्फ श्याम सिंह तोमर खड़ा था। राधे ने हत्या में शामिल होने कोई पैसे लेने की बात नहीं कबूली है। शूटर्स के साथ क्या डील थी यह परमाल को पता है।

10-10 हजार का इनाम, अन्य आरोपियो को अल्टीमेटम
डीआईजी एके पांडे ने बताया कि दोनों मुख्य आरोपी आशू और सोनू तोमर पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया गया है। जबकि मामले में अन्य नामजद आरोपियों लिए धारा 82 के तहत निर्देश जारी किए गए हैं कि वह निर्धारित समय अवधि में खुद को हाजिर कर दें। नहीं तो उनके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
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