Press "Enter" to skip to content

जूडा पति को नहीं मिलता वीकली ऑफ, डाॅक्टर पत्नी ने एचओडी को दी अर्जी ! Gwalior News

Gwalior News : जूडा पति को नहीं मिलता वीकली ऑफ, डाॅक्टर पत्नी ने एचओडी को दी अर्जी
ग्वालियर। जीआर मेडिकल कॉलेज में आर्थोपैडिक विभाग में प्रथम वर्ष पीजी छात्र की पत्नी ने एचओडी से शिकायत दर्ज कराई कि थर्ड ईयर के डॉक्टर उनके पति को वीकली ऑफ के दिन भी घर नहीं जाने देते हैं। डॉक्टर से ड्यूटी टाइम से अधिक काम लिया जा रहा है।
एचओडी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जीआर मेडिकल कॉलेज के डीन को पत्र लिख दिया। मामला एंटी रैगिंग कमेटी को दिया गया, जहां शनिवार को पीजी प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के छात्रों के बयान लिए गए। हालांकि दोनों पक्षों में बाद में समझौता हो गया और शिकायत वापस ले ली गई।

आर्थोपैडिक विभाग पीजी प्रथम वर्ष के छात्र डॉ देवेन्द्र शर्मा की पत्नी पुष्पांजलि ने थर्ड ईयर के डॉक्टर अभिनव शर्मा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। डॉ पुष्पांजलि खुद भी डॉक्टर हैं। उनके द्वारा एचओडी डॉ समीर गुप्ता को बताया गया कि सीनियर पीजी छात्र उनके पति से ड्यूटी टाइम से अधिक काम ले रहे हैं, इतना ही नहीं वीकली ऑफ के दिन भी उनको ड्यूटी पर बुला लिया जाता है।
जिसकी वजह से वह घर भी नहीं आ पाते हैं। एचओडी डॉ समीर गुप्ता ने शिकायत के आधार पर जीआर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ भरत जैन को पत्र लिख दिया। इसके साथ ही डीन तक यह बात भी पहुंची की छात्र इससे काफी तनाव में हैं और सुसाइड की स्थिति भी बन सकती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एंटी रैगिंग कमेटी की अध्यक्ष डॉ सरोज कोठारी को मामला सौंपा गया।

पीजी छात्रों के लिए बयान
एंटी रैगिंग कमेटी की अध्यक्ष ने शिकायत कर्ता और जिन पर आरोप लगा था उनके बयान दर्ज किए। इसके अलावा पीजी प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के छात्रों के भी बयान लिए गए। उनसे पूछा गया कि ड्यूटी टाइम को लेकर किस प्रकार की दिक्कत है। हालांकि जांच में यह रैगिंग का मामला नहीं पाया गया। दोनों पक्षों ने डीन के सामने राजीनामा की बात कह दी है, साथ ही शिकायत भी वापस लेने की बात कही है।

हमारे पास एचओडी का पत्र आया था, हमें बताया गया कि छात्र काफी तनाव में है, सुसाइड भी कर सकते हैं। इसलिए हमने एंटी रैगिंग कमेटी को मामला दिया था। हालांकि मामला रैगिंग का नहीं पाया गया है। सभी छात्रों के बयान भी लिए गए हैं। शिकायतकर्ता का कहना था कि काम अधिक लिया जा रहा है, हमने बुलाकर समझा दिया है। साथ ही सीनियर छात्रों से भी कहा गया है कि वह इस प्रकार से काम लें कि जूनियर पीजी छात्रों को आराम का समय भी मिल सके। 
More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!