शिवपुरी। शहर के गुना बायपास स्थित गौशाला क्षेत्र में शादी के करीब एक साल बाद राधा धाकड़ की फांसी लगाने से हुई मौत के मामले में शुक्रवार को नया मोड़ आ गया। मृतिका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और मारपीट करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजन सुबह से ही शव लेकर देहात थाने पहुंचे और कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। दोपहर तक कार्रवाई नहीं होने से नाराज परिजनों ने शव को कार में रखा और वहां से जाने लगे। हालांकि, पुलिस ने थाने के गेट पर कार को रोक लिया। थाना प्रभारी विकास यादव और पुलिसकर्मियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान थाने पर हंगामे जैसी स्थिति बन गई।
जानकारी के अनुसार, राधा धाकड़ ने अपने घर में पंखे से फांसी लगा ली थी। घटना के समय उसका पति सुखवीर धाकड़ स्कूल गया हुआ था। वापस लौटने पर उसने पत्नी को फांसी के फंदे पर लटका देखा। इसके बाद परिजन राधा को तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। राधा की शादी करीब एक साल पहले हुई थी।
मृतिका के परिजनों का आरोप है कि राधा को ससुराल में दहेज के लिए परेशान किया जाता था। परिजनों ने सास कुसुम धाकड़ और देवर पर अधिक प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। वहीं, पति सुखवीर धाकड़ और ससुर जगदीश धाकड़ पर भी काम से लौटने के बाद रात में मारपीट करने और परेशान करने के आरोप लगाए गए हैं।
परिजनों का दावा है कि राधा ने मौत से पहले एक वीडियो बनाया था, जिसमें उसने अपनी मौत के लिए ससुराल पक्ष के लोगों को जिम्मेदार बताया और सास व देवर द्वारा अधिक प्रताड़ित किए जाने की बात कही। परिजनों ने इस वीडियो की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
शुक्रवार सुबह से ही मृतिका के परिजन शव लेकर देहात थाने पहुंचे थे। उनका कहना था कि जब तक उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे संतुष्ट नहीं होंगे। दोपहर तक कार्रवाई नहीं होने से परिजनों में नाराजगी बढ़ गई। इसके बाद वे शव को कार में रखकर वापस जाने लगे, लेकिन पुलिस ने थाने के गेट पर ही कार रोक दी।
थाना प्रभारी विकास यादव और अन्य पुलिसकर्मियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान मौके पर तनावपूर्ण स्थिति दिखाई दी। परिजन ससुराल पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
राधा की मौत के मामले में परिजनों ने दहेज प्रताड़ना और मारपीट के आरोप लगाए हैं। अब मामले में कथित वीडियो, परिजनों की शिकायत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मौत के वास्तविक कारणों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका का खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।






