शिवपुरी। मध्यप्रदेश राशन विक्रेता संघ ने प्रदेश की करीब 28 हजार शासकीय उचित मूल्य दुकानों से जुड़ी वर्षों से लंबित मांगों के निराकरण को लेकर सरकार को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ ने कहा है कि यदि मांगों का समय-सीमा में निराकरण नहीं किया गया तो प्रदेशभर के राशन विक्रेता आंदोलन एवं हड़ताल के लिए मजबूर होंगे।
संघ का कहना है कि बढ़ती महंगाई और कम कमीशन के चलते राशन दुकानदारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ज्ञापन में अन्य राज्यों में मिलने वाले कमीशन का हवाला देते हुए मध्यप्रदेश में भी कमीशन बढ़ाने की मांग की गई है।
राशन विक्रेता संघ ने सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें खाद्यान्न वितरण पर कमीशन बढ़ाकर न्यूनतम 200 रुपए प्रति क्विंटल, राशन विक्रेताओं के लिए 40 हजार रुपए प्रतिमाह न्यूनतम आय की गारंटी, परिवहन व भंडारण के दौरान होने वाली कमी के लिए प्रति क्विंटल 1 किलो शॉर्टेज की छूट, हर माह 5 तारीख तक कमीशन भुगतान तथा सेवा सहकारी समितियों और वन समितियों द्वारा विक्रेताओं को समय पर पारिश्रमिक भुगतान सुनिश्चित करने की मांग शामिल है।
संघ ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, खाद्य मंत्री और प्रशासन से मांगों का शीघ्र निराकरण करने की अपील की है। ज्ञापन में कहा गया है कि राशन विक्रेता सार्वजनिक वितरण प्रणाली की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और लंबे समय से कठिन परिस्थितियों में शासन की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं।





