प्रतिदिन निकाली जा रही 70 से 80 रेत की ट्रॉलियां
नरवर। नरवर क्षेत्र में रेत का अवैध खनन धमने का नाम नहीं ले रहा है। विभाग द्वारा कई बार रेत कारोबारियों पर कार्रवाई की गई, लेकिन इसके बावजूद भी रेत का खनन थम नहीं रहा है। प्रतिदिन लाखों रुपए की रेत निकालकर जिले की सीमा से बाहर भेजी जा रही है। बताया जाता है कि इन अवैध रेत कारोबारियों द्वारा दिन में रेत का स्टॉक किया जाता है और फिर रात के अंधेरे में रेत को डंपरों व ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर बाहर भेज दिया जाता है। बताया जा रहा है कि इन खननकर्ताओं में राजनीतिक पार्टी के लोगों का भी सहयोग मिल रहा है जिससे यह बेखौफ होकर रेत का खनन और परिवहन कर रहे हैं।
नरवर िस्थत पार्क में जगह-जगह रेत कारोबारियों द्वारा दिन-रात रेत का खनन किया जा रहा है। हर जगह व हर थाने के एरिया में अवैध उत्खनन पैर पसार चुका है। पार्क में अवैध खनन कर 70 से 80 ट्रॉली रेत निकालकर डंपरों के माध्यम से खपाया जा रहा है। अवैध उत्खनन के लिए एक नहीं चार जेसीबी मशीन रात भर चलती है। दिन में ट्रैक्टर ट्रॉली से माल स्टॉक किया जाता है। इस रेत के अवैध उत्खनन के कारण किसानों की फसल नष्ट हो रही है और दबंग खेतों के बीच मे से रेत के भरे डंपरों निकालते है और ग्रामीणों के विरोध करने पर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। नरवर के रहवासियों ने मांग की है कि अवैध उत्खनन को तत्काल रोका जाए के लोगो ने मांग की है कि देश बन्दी एवं नोबेल कोरोना वायरस जैसी गंभीर समस्या में रेत के इस अवैध उत्खनन को तत्काल रोका जाए।




