शिवपुरी: पोहरी अनुबिभाग मे पटवरी गांव की आदिवासी बस्ती इन दिनों गंभीर जल संकट से जूझ रही है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि ग्रामीणों को कई-कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है। शुद्ध पेयजल की व्यवस्था न होने से मजबूरन गंदा पानी पीना पड़ रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
करिया आदिवासी ने बताया कि पानी की समस्या को लेकर कई बार पीएचई विभाग के अधिकारियों को फोन कर अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई अधिकारी मौके पर निरीक्षण करने नहीं पहुंचा। विभाग की उदासीनता के चलते ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
गांव की महिलाओं और बच्चों को सुबह से शाम तक पानी की तलाश में भटकना पड़ रहा है। कई घरों में एक-एक बाल्टी पानी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। पानी की कमी के कारण दैनिक जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
“हम कई बार अधिकारियों को फोन कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। मजबूरी में गंदा पानी पीना पड़ रहा है।”
“सुबह से शाम तक पानी के लिए परेशान रहना पड़ता है। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है।”
“अगर जल्द पानी की व्यवस्था नहीं हुई तो गांव में बीमारियां फैल सकती हैं। प्रशासन को तुरंत ध्यान देना चाहिए।”
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पीएचई विभाग से मांग की है कि गांव में जल्द से जल्द हैंडपंप मरम्मत एवं स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था की जाए।






