शिवपुरी: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के नाम और उसके अस्तित्व को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच कांग्रेस ने शिवपुरी मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ रैली निकालकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई और मनरेगा को मौजूदा स्वरूप में बनाए रखने की मांग की।
विरोध प्रदर्शन से पहले जिलेभर से आए कांग्रेस कार्यकर्ता गांधी सेवा आश्रम में एकत्रित हुए। यहां आयोजित सभा में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र की भाजपा सरकार पर मनरेगा की पहचान को कमजोर करने और महात्मा गांधी के नाम को योजनाओं से हटाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीप्रकाश शर्मा ने कहा कि महात्मा गांधी केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में सम्मानित व्यक्तित्व हैं और उनकी प्रतिमाएं कई देशों में स्थापित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार योजनाओं से गांधी के नाम और उनकी विचारधारा को हटाने का प्रयास कर रही है। शर्मा ने कहा कि यह केवल नाम बदलने का मुद्दा नहीं है, बल्कि गांधी के सिद्धांतों और मूल्यों को कमजोर करने की साजिश है।
सभा के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांधी सेवा आश्रम से माधव चौक तक रैली निकाली। रैली के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई और मनरेगा को बिना बदलाव जारी रखने की मांग की गई।
माधव चौक पर आयोजित सभा को कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित अग्रवाल ने संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मनरेगा योजना को धीरे-धीरे समाप्त कर किसी अन्य नाम से नई योजना लाने की तैयारी कर रही है, जिससे महात्मा गांधी का नाम पूरी तरह हट जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में मनरेगा के तहत मजदूरी भुगतान में कई तरह की अड़चनें आ रही हैं।
मोहित अग्रवाल ने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा को कमजोर किया गया या इसे बंद करने की कोशिश हुई, तो ग्रामीण क्षेत्रों से मजदूरों का पलायन फिर से तेज हो जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि मनरेगा के नाम, स्वरूप या मजदूरों के अधिकारों से कोई छेड़छाड़ की गई, तो पार्टी चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी और ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोग शामिल हुए।






