शिवपुरी में वन भूमि पर अवैध रूप से बन रहे चर्च को तोड़ा गया है। वन विभाग की ओर से जेसीबी से निर्माण ध्वस्त कराया है। बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने सरकारी कर्मचारी पर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप भी लगाया है। मौके से ईसाई धर्म से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। मामला बदरवास थाना क्षेत्र के गुढाल डांग गांव में रविवार दोपहर का है।
धर्म परिवर्तन और वन भूमि पर अवैध चर्च निर्माण की जानकारी पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और विरोध दर्ज कराने पहुंचा था। इसके बाद वन विभाग, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में जेसीबी से निर्माणाधीन भवन को ढहा दिया गया।
मौके से ईसाई धर्म से जुड़ी बाइबिल और अन्य धार्मिक किताबें भी मिलीं। हालांकि यहां उपस्थित एक महिला ने धर्मांतरण की बात को नकारा। प्रशासन की ओर से धर्मांतरण के आरोप पर भी जांच की जाएगी।
शिवपुरी में वन विभाग की भूमि पर बन रहे चर्च को हटाया।
शिवपुरी में वन विभाग की भूमि पर बन रहे चर्च को हटाया।
तीन गांवों में सैकड़ों ग्रामीणों के धर्म परिवर्तन का आरोप
विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारी विनोद पुरी गोस्वामी ने आरोप लगाया कि बदरवास क्षेत्र में 6 वर्षों से अवैध रूप से धर्म परिवर्तन कराया जा रहा था। उनके मुताबिक अगरा, रामपुरी और गुढाल डांग गांवों में गांव-गांव घूमकर आदिवासी और भील समुदाय के लोगों को बहकाकर सैकड़ों लोगों का धर्म परिवर्तन कराया गया है।
विनोद पुरी ने दावा किया कि गुढाल डांग गांव में एक व्यक्ति ईसाई फादर बनकर आया था, जिसने ग्रामीणों को भ्रमित किया। इसके बाद पटवारी सुगंध चंद्र पेंकडा और शासकीय शिक्षक अनिता भगत, राजपति बाई, बिजरोन तिर्की और मनसुख पर धर्म परिवर्तन कराने में भूमिका निभाने के आरोप लगाए गए हैं।
रविवार को आसपास के ग्रामीणों को बुलाकर धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया जा रहा था। इसी दौरान शिवपुरी के एक चर्च से जुड़ी एक महिला मौके से फरार हो गई।
महिला बोली- धर्मांतरण नहीं हो रहा, हम मन से आते हैं
सभा में उपस्थित एक महिला ने कहा कि हमारे यहां माड्साब का तबीयत ठीक नहीं हो रहा था। मैं दुनिया में घूमी लेकिन शांति नहीं मिला। हम यहां आकर महिमा करते हैं तो उन्हें आराम मिला। हम लोग यहां मन से आते हैं। यहां कोई धर्मांतरण नहीं हो रहा।
वन भूमि पर कब्जा, जेसीबी से ढहाया गया निर्माण मामले की सूचना पर वन विभाग, पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे। चूंकि निर्माण वन भूमि पर किया जा रहा था, इसलिए वन विभाग ने जेसीबी से भवन को ढहा दिया।
बदरवास वन परिक्षेत्र के रेंजर रवि पटेरिया ने बताया कि सूचना पर टीम पहुंची तो पाया गया कि पहले यहां एक झोपड़ी थी, जिसे चारों ओर से पक्का निर्माण कर चर्च का रूप दिया जा रहा था। मौके से ईसाई धर्म से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। भवन ढहाकर वन भूमि को कब्जा मुक्त करा लिया गया है।
बदरवास तहसीलदार प्रदीप भार्गव ने कहा कि वन भूमि पर अवैध कब्जे की सूचना पर कार्रवाई की गई है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा लगाए गए धर्म परिवर्तन के आरोपों की जांच की जा रही है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।









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