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9/11 हमले का मास्टरमाइंड बोला- मौत की सजा हटा दी जाए, तो पीड़ित परिवारों की मदद करना चाहता हूं ! International News

9/11 हमले का मास्टरमाइंड बोला- मौत की सजा हटा दी जाए, तो पीड़ित परिवारों की मदद करना चाहता हूं
न्यूयार्क। अमेरिका में 11 सितंबर 2001 को हुए सबसे भयानक आतंकी हमले के मास्टरमाइंड ने हमलों के लिए पीड़ितों की मदद करने की इच्छा जताई है, जो जो सऊदी अरब के खिलाफ नुकसान के लिए मुकदमा कर रहे हैं। उसने कहा है कि अमेरिका उसके खिलाफ मौत की सजा को हटा दें, तो वह उनकी मदद कर सकता है।
खालिद शेख मोहम्मद की पेशकश का खुलासा शुक्रवार देर रात मैनहट्टन में अमेरिकी जिला न्यायालय में दायर एक पत्र में किया गया था। इसमें वकीलों ने अरबों डॉलर के नुकसान की मांग करने वाले व्यक्तियों और व्यवसायों का प्रतिनिधित्व किया था। अमेरिका में हुए आतंकी हमलों में शामिल होने से सऊदी सरकार लंबे समय से इनकार करती आ रही है।

बताते चलें कि प्लेन को हाईजैक करके न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, वाशिंगटन डीसी के बाहर पेंटागन और पेंसिल्वेनिया फील्ड में इन विमानों को टकरा दिया गया था। अब तक के सबसे दुर्दांत इस आतंकी हमले में करीब 3,000 लोग मारे गए थे। सऊदी सरकार के वाशिंगटन में रहने वाले वकील माइकल केलॉग ने इस मामले में कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने पहले ही पत्र के बारे में सूचना दी थी।
पत्र के अनुसार, अभियोजन पक्ष के वकील संघीय अभिरक्षा में पांच गवाहों के लिए वकीलों के संपर्क में रहे हैं, ताकि वे जमा राशि की उपलब्धता के बारे में जान सकें। वकीलों ने कहा कि मोहम्मद सहित तीन को क्यूबा के डिटेंशन कैंप गुआंतानामो बे में रखा गया है, जबकि दो को फ्लोरेंस कोलोराडो में “सुपरमैक्स” मैक्सिमम सिक्योरिटी प्रिजन में रखा गया है।

पत्र में कहा गया है कि वकील ने कहा कि इस फैसले का प्राथमिक कदम अभियोजन की मौत की सजा की प्रकृति है और संभावित मौत की सजा के अभाव में बहुत व्यापक सहयोग संभव होगा। पत्र में कहा गया है कि मोहम्मद और अन्य ग्वांतानामो जेल में बंद कैदी मामलों की पूर्व सुनवाई में भाग ले रहे हैं।
वादी के वकील जेम्स क्रेइंडलर ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि मोहम्मद कितने उपयोगी हो सकते हैं। हम वास्तव में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। अमेरिकी न्याय विभाग ने इस मामले में तुरंत कोई जवाब नहीं दिया है। बताते चलें कि सऊदी अरब को अमेरिका में 11 सितंबर को हुए हमलों के बारे में चलने वाले मुकदमों से लंबे समय तक प्रतिरक्षा मिली थी। मगर, सितंबर 2016 में इसे बदल गया जब अमेरिकी कांग्रेस ने राष्ट्रपति बराक ओबामा के जस्टिस अगेंस्ट स्पॉन्सर ऑफ टेररिज्म एक्ट (JASTA) पर किए गए वीटो को खत्म कर दिया।
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