शिवपुरी।कांग्रेस ने प्रदेश में सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है। इसी के साथ किसानों का कर्जा दस दिन में माफ करने के ऐलान को लेकर किसानों के मन में हलचल पैदा हो गई है। किसान सरकार बनने के साथ दस दिन में कर्जमाफी के ऐलान पर अमल का इंतजार करने लगे हैं। बात शिवपुरी जिले की करें तो यहां 80 हजार से अधिक किसानों पर बैंकों का कर्ज है। जिले में राष्ट्रीयकृत बैंकों सहित सरकारी बैंकों का 400 करोड़ से अधिक का कर्ज है। कांग्रेस के कर्जमाफी की घोषणा के बाद अधिकतर किसान बैंकाें से ऋण लेने के बाद वापस जमा करने नहीं पहुंचे।
शिवपुरी जिले में सबसे अधिक राष्ट्रीयकृत बैंकों से किसानों ने कर्ज लिया है जो 350 करोड़ से ज्यादा बताया जा रहा है। जबकि जिला केंद्रीय सहकारी बैंक से 60 करोड़ से ज्यादा का कर्ज है। किसानों के कर्ज में डूबने की वजह पिछले सालों में सूखे के हालात रहे। भाजपा सरकार द्वारा मुआवजा वितरण किया गया, लेकिन इससे किसानों के नुकसान की भरपाई नहीं हो सकी। छोटे-छोटे किसान अभी भी कर्ज से उबर नहीं पाए हैं। अब किसान सत्ता में आ रही है। ऐसे में सभी किसानों को अपना कर्ज माफ होने का इंतजार है। वहीं किसानों द्वारा कर्ज नहीं चुकने से केसीसी(किसान क्रेडिट कार्ड) खाते एनपीए हैं। कांग्रेस के सरकार में रहते किसानों का कर्ज माफ होने से बैंकों को भी फायदा होगा। इसे लेकर बैंक भी अब नई सरकार के कर्ज माफी संबंधी नियम व शर्ताें का इंतजार में हैं।
शिवपुरी जिले में किसानों ने सबसे अधिक राष्ट्रीयकृत बैंकों से कर्ज लिया है, कर्जमाफी नियम-शर्तों का बैंकों को भी इंतजार
किसान फोरलेन पर ट्रैफिक जाम करते हुए। इसको लेकर आला अफसरों ने काफी समझाया था, काफी मान-मनोब्बल के बाद माने थे। (फाइल फोटो)
किसानों ने सबसे ज्यादा राष्ट्रीयकृत बैंकों से कर्ज लिया है
जिले में किसानों ने सबसे अधिक कर्ज राष्ट्रीयकृत बैंक शाखाओं से लिया है। जिसमें अकेली एसबीआई ब्रांचों से ही 33 हजार से अधिक किसासनों पर 250 से 300 करोड़ के बीच कर्ज आंका जा रहा है। इसी तरह दूसरी अन्य बैंक शाखाओं से भी हजारों किसानों ने कर्ज लिया है। जिससे कर्ज की राशि 400 करोड़ से भी अधिक पहुंच रही है। जिले में राष्ट्रीयकृत बैंकों की शाखाओं में केसीसी के एनपीए खातों की संख्या और राशि का डाटा इकट्ठा किया जा रहा है। कांग्रेस सरकार बनने के बाद यह डाटा जिले से भेजा जाएगा। बता दें कि कांग्रेस सरकार ने 2 लाख रुपए तक का कर्ज माफी का एलान किया है। बड़े किसान जिन्होंने 2 लाख से ज्यादा का कर्ज लिया है उनको नई सरकार के कर्जमाफी घोषणा का फायदा नहीं मिल पाएगा।
जिला केंद्रीय सहकारी बैंक का 37 हजार किसानों पर 66.30 करोड़ बकाया, इसलिए सोसाइटियां डिफाल्टर
जिले मेें केंद्रीय सहकारी बैंक का 37 हजार 542 किसानों पर 66 करोउ़ 30 लाख रुपए का कर्ज है। मुख्यमंत्री ऋण समाधान योजना के तहत 48 हजार 867 पर 92.55 करोड़ कर्ज था। जिसमें से 11 हजार 415 किसानों ने ही 26.25 करोड़ रुपए जमा कराया था। कांग्रेस की कर्जमाफी घोषणा के चलते सितंबर व नवंबर में मात्र 274 किसानों ने 1 करोड़ 48 लाख रुपए ऋण चुकाया है





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