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7000 रु. कमाने वाले के खाते में आधा करोड़ का लेनदेन, पहुंचा आयकर का नोटिस,


ग्वालियर। 7 हजार रुपए प्रतिमाह की नौकरी करने वाले एक युवक के नाम व पते पर 10 साल पहले (2007) बैंक अकाउंट खुल गया। 3 साल तक उसमें आधा करोड़ का लेनदेन हुआ। कई बार 10 लाख या उससे बड़ी रकम डाली व निकाली गई। 3 महीने पहले इनकम टैक्स विभाग ने 10 लाख 91 हजार रुपए के बड़े ट्रांजेक्शन पर उसे नोटिस भेजकर जवाब तलब किया।जिस पर युवक इनकम टैक्स ऑफिस गया तब उसके नाम से खोले गए खाते का खुलासा हुआ। दो महीने बैंक के चक्कर लगाने के बाद डिटेल मिली। अभी इनकम टैक्स ने 8 लाख रुपए पेनल्टी सहित टैक्स का नोटिस थमाया है। पीड़ित ने मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचकर एसपी से मदद मांगी है। एसपी ने सीएसपी को जांच सौंप दी है।
सिकंदर कम्पू स्थित हनुमान बांध निवासी अनवर पुत्र अकबर कुरैशी पंचवटी कॉलोनी स्थित विधि एसोसिएट में 7 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन पर नौकरी करता है, जबकि इससे पहले वह 1996 से एक साल पहले तक सांघी सीमेंट डिस्ट्रीब्यूटर हरिशंकरपुरम में जॉब करता था। अभी सितंबर में उनके पास इनकम टैक्स विभाग से एक नोटिस आया। जिसमें 10 लाख 91 हजार रुपए की ट्रांजेक्शन उनके खाते से होने पर जवाब मांगा गया। यह नोटिस देखकर वह आश्चर्य में पड़ गया। उन्होंने सोचा कि कोई गलतफहमी हो गई है।

वह इनकम टैक्स ऑफिस पहुंचे तो पता लगा कि पंजाब नेशनल बैंक की चेतकपुरी ब्रांच में उनके नाम व पते पर वर्ष 2007 से अकाउंट चल रहा है। यह सुनकर अनवर के होश उड़ गए। वह आनन-फानन में बैंक पहुंचे। बैंक ने पहले यह कहा कि 5 साल पहले ही यह खाता बंद हो चुका है। जब अनवर डिटेल देने पर अड़े तो बैंक ने आज कल करते हुए दो महीने बाद उन्हें डिटेल दी। खाता खोलते समय उसके फोटो व दस्तावेज लगे हुए थे।

आज है नोटिस का आखिरी दिन
अनवर को पता नहीं उनके नाम पर कब बैंक में खाता खोल दिया गया। उसमें बड़े-बड़े ट्रांजेक्शन हो गए। इसके बाद भी संकट तब आया जब दिसंबर में इनकम टैक्स विभाग से नोटिस आ गया। जिसमें पेनल्टी सहित 8 लाख रुपए 27 दिसंबर तक विभाग के खाते में जमा करने हैं। पीड़ित अब संकट में है। पुलिस में लम्बी जांच चलेगी और इनकम टैक्स विभाग सुनने को तैयार नहीं है
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