
शिवपुरी। पुलिस परिवार परामर्श केन्द्र के शिविर में कुशल परामर्शदाताओं के भागीरथी प्रयास से 6 पति-पत्नियों को पुन: एक साथ करने में महती सफलता प्राप्त हुई। स्थानीय नवीन पुलिस कन्ट्रोल रूम में परिवार परामर्श केन्द्र में कुल 12 केश प्रस्तुत किए गए। इनमें तीन केशों में एक पक्ष के प्रस्तुत होने के कारण इन्हें अगली तिथि दी गई। वहीं बचे शेष 9 केसों में से 6 केसों में समझाईश के बाद आपसी सममति से पति-पत्नि ने राजीनामा कर लिया और अपने-अपने घर एक साथ रहने चले गए। शिवपुरी का ही एक केश बेहद दिलचस्प था। जिनमें पति-पत्नियों में भारी पेे्रम था परन्तु पति पत्नि को मायके नहीं जाने देता था। मायके जाने पर हुए विवाद के बाद पत्नि मायके में ही रहने लगी थी और इन दोनों के दस वर्ष से अधिक उम्र के बच्चे भी हैं। परिवार परामर्श केन्द्र के काउन्सलरों ने आपस का विवाद दूर करके इनके बीच राजीनामा करवाया। एक अन्य केस में विवाह को केवल दो माह ही हुए थे कि पति पत्नि के बीच ईगो तथा तालमेल के अभाव में विवाह विच्छेद का माहौल तैयार हो गया। परिवार परामर्श के कुशल काउन्सलरों ने इन दोनों पति-पत्नि को समझाईश देकर एक साथ जीवन जीने के लिए राजी करने में सफलता प्राप्त की। इसी तरह एक अन्य केस में पत्नि को गंभीर बीमारी की शिकायत थी और उसके पति ने उसके इकलौते पांच वर्षीय पुत्र को अपने पास रख लिया था तथा महिला अपने पिता के घर रह रही थी। इस केस में भी काउन्सलरों के द्वारा न केवल उन दोनों में राजीनामा कराया गया बल्कि काउन्सलर भरत अग्रवाल एवं डॉ. इकबाल ने उन दोनों का सही इलाज कराने का भी वीणा उठाया एक और बड़ा दिलचस्व केस शिवपुरी निवासी एक मजदूर महिला का था। जिसकी चार बेटियां थी जिनमें से एक बिकलांग थी। उसका पति ग्वालियर रहकर पेंटिंग का काम करता था। सास ससुर द्वारा कहासुनी और विवाद हो जाने के चलते वह भी तलाक लेने जा रही थी और बच्चियों को अनाथ आश्रम में भर्ती कराने की जिद्द पर अड़ी थी। मगर परिवार परामर्श केन्द्र के काउन्सलरों ने इस वेहद चुनौती पूर्ण केस को सुलझाया और राजीनाम कराया। इस प्रकार कुल 6 प्रकरणों का निराकरण किया गया और बाकी प्रकरणों को आगे की काउसलिंग की अगली तारीख दी गई। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य, परिवार परामर्श केन्द्र के जिला संयोजक आलोक एम इंदौरिया, महिला सैल के विकास एवं विपिन शर्मा सहित रवजीत ओझा, गुंजन अजय खैमरिया, आनंदिता गांधी, शिखा अग्रवाल, प्रीति जैन, पुष्पा खरे, श्वेता गंगवाल, उमा मिश्रा, स्नेहलता शर्मा, बिंदु छिब्बर, नम्रता गर्ग, एचएस चौहान, राजेन्द्र राठौर, भरत अग्रवाल, संतोष शिवहरे, राजेश जैन राजू, डॉ. इकबाल खांन, डॉ. विजय खन्ना, मथुरा प्रसाद गुप्ता, समीर गांधी परामर्श हेतु उपस्थित थे।






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