इंदौर,।कांग्रेस नेत्री ट्विंकल डागरे अपहरण केस में बाणगंगा टीआई तारेश कुमार सोनी के मुताबिक हाई कोर्ट के आदेश पर संदेही जगदीश उर्फ कल्लू करोतिया की बीईओएस जांच करवाई गई, जिसमें पुलिस को पांच दिन लगे। लैब में टीम ने जांच अफसर को केस डायरी लेकर बुलाया था।तीन डॉक्टरों की टीम ने नेत्री से जुड़ी बातें और केस के बारे में गहन जानकारी जुटाई और सवाल तैयार किए। डॉक्टरों ने तीन दिन सुबह 10 से शाम 5 बजे तक कल्लू की दिमागी जांच की। इस दौरान पुलिस का प्रवेश प्रतिबंधित था। जांच के दौरान कल्लू को एक मशीन पर बैठाया जाता और सिर पर तारों से जकड़ी हेलमेटनुमा मशीन लगाई जाती। इसके जरिये दिमाग में चल रही हलचल जांची गई।पुलिस ने संदेही भाजपा नेता का ब्रेन इलेक्ट्रिकल ऑसिलेशन सिग्नेचर (बीईओएस) टेस्ट करवा लिया। इसके पहले केस से जुड़े करीब ढाई सौ सवाल तैयार किए गए, जिनमें से विशेषज्ञों ने 50 सवाल भाजपा नेता से पूछे। पुलिस रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
प्रतिव्यक्ति जांच पर 64 हजार का खर्च
एक व्यक्ति की जांच पर करीब 64 हजार रुपए का खर्च आया। केस में कुल पांच लोगों की जांच पर सवा तीन लाख रुपए खर्च होना है। इनमें कल्लू के बेटे विजय व अजय सहित कांग्रेस नेत्री ट्विंकल के पिता संजय और मां रीटा शामिल हैं।
लैब से समय मांगा
मामले में युवती के परिजन और संदेहियों के टेस्ट के लिए लैब से समय मांगा है। संभवतः इसी महीने टेस्ट करवा लिया जाएगा। रिपोर्ट मिलने पर जांच की दिशा तय की जाएगी। – हरिनारायणचारी मिश्र, डीआईजी






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