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कठिन प्रशिक्षण के बाद आईटीबीपी की मुख्य धारा में शामिल हुए 442 नवसैनिक

आईटीबीपी करैरा ने आयोजित किया दीक्षांत एवं शपथ ग्रहण समारोह 

(असलम खान) करैरा। आरटीसी करैरा, भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल में सिपाही जीडी (रिक्रूट) नवम समुदाय की दीक्षांत एवम् शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। नवम समुदाय के कुल 442 नव-सैनिक गहन प्रशिक्षण पूर्ण करने के उपरान्त भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल की मुख्य धारा में सम्मिलित हो गए। भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के करैरा में स्थित प्रशिक्षु प्रशिक्षण केन्द्र के सुसज्जित प्रांगण में इस दीक्षान्त एवम् शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन माननीय मुख्य अतिथि देवेन्द्र सिंह, महानिरीक्षक (सेन्ट्रल फ्रंटियर) भातिसीपु बल की उपस्थिति तथा भँवर सिंह, उप महानिरीक्षक आरटीसी करैरा की देख-रेख में किया गया। महानिरीक्षक देवेन्द्र सिंह के सलामी मंच पर पधारते ही नवआरक्षकों की प्लाटूनों ने उन्हे भव्य सलामी दी तथा उनके स्वागत में बिगुल वादन किया गया। तदोपरान्त मुख्य अतिथि  ने नव-आरक्षकों की परेड़ का निरीक्षण किया। मुख्य अतिथि  द्वारा परेड़ का निरीक्षण किये जाने के उपरान्त नव-आरक्षकों की सम्पूर्ण परेड़ को राश्ट्रीय एवम् बल के झण्डे के समक्ष सच्ची निश्ठा एवम् शौर्य दृढ़ता से देश सेवा करने की शपथ दिलाई गई। इसके उपरान्त सम्पूर्ण परेड़ की प्लाटूनों ने सलामी मंच से धीरे-चाल व तेज-चाल से गुजरते हुए दाहिने देख की कार्रवाई कर मुख्य अतिथि  का अभिनन्दन किया। नव-आरक्षकों की परेड़ की सभी कार्रवाईयाँ देखते ही बन रही थी और परेड़ के उत्कृश्ट प्रदर्शन व मनोरम दृष्य नें मुख्य अतिथि व दर्शकों का मन मोह लिया। नवम बैच की परेड का नेतृत्व नव-आरक्षक सि/जीडी (रिक्रूट) बाचोलकर प्रसाद कर रहे थे।
परेड़ की कार्रवाई पूर्ण होने पर आरटीसी करैरा प्रशिक्षण संस्थान के प्रमुख श्री भँवर सिंह, उप महानिरीक्षक नें उपस्थित मुख्य अतिथि , गण-मान्यों, अभिभावकों, मीडिया बन्धुओं व बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि इन प्रशिक्षुओं को 44-सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण से गुजरने के पश्चात् आज इन्हे एक सम्पूर्ण  सैनिक का दर्जा प्राप्त हुआ है। प्रषिक्षुओं की टै्रनिंग में बैटल क्राफ्ट, हथियार प्रशिक्षण, फील्ड क्राफ्ट, मानचित्र अध्ययन, प्रतिविद्रोहिता, ड्रिल, आपदा प्रबन्धन तथा कम्प्यूटर आदि का प्रशिक्षण शामिल है। उन्होने कहा कि ये प्रशिक्षु कठिन प्रशिक्षण की भ_ी से तपकर कुन्दन बने हैं। इन प्रशिक्षणार्थियों को कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। 
मुख्य अतिथि श्री देवेन्द्र सिंह, महानिरीक्षक (सेन्ट्रल फ्रंटियर) भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल नें उपस्थित परेड़, जवानों व गणमान्यों को संबांधित करते हुए कहा कि भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल संसार भर के सुरक्षा बलों में से एक अति प्रतिश्ठित बल के रूप में जाना जाता है। इस बल का प्राथमिक कर्तव्य भारत-चीन सीमा पर चौकसी करना है। भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल लद्दाख के काराकोरम दर्रे से लेकर अरूणांचल-प्रदेश के जाचेप-ला तक कुल 3488-किलोमीटर तक की सीमा की सुरक्षा करती है। समस्त चुनौतियों के पष्चात्् भी हम निरंतर देष सेवा में तत्पर रहते है। उपरोक्त के अतिरिक्त केन्द्र सरकार द्वारा इस बल को विभिन्न डयूटियाँ जैसे आंतरिक सुरक्षा, चुनाव की डयूटी, वीआइ्र्रपी सुरक्षा, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में डयूटी, उच्चायोगों की सुरक्षा आदि जिन्हे इस बल नें शौर्य दृढ़ता एवम् कर्म निश्ठा के साथ निभाया है। इसके अतिरिक्त आपदाओं से निपटने में भी इस बल को महारथ हासिल है और आवष्यकता पडऩे पर बल हर संभव मदद की है। आईटीबीपी को पर्वतारोहण, स्कीईंग एवम् जूड़ो-कराटे के क्षेत्र में भी दक्षता प्राप्त है तथा इस क्षेत्र में राश्ट्रीय व अर्न्राश्ट्रीय स्तर पर भी इस बल नें अनेक उपलब्धियाँ अर्जित की हैं।
आज हमारे सामने आतंकवाद, नक्सलवाद, अर्न्राश्ट्रीय सीमाओं से घुसपैट जैसी गम्भीर समस्याएँ है। इन सब समस्याओं से निपटने में हमारे जवान पूर्णरूप से सक्षम हैं। नव-सैनिकों की इस भव्य परेड़ से प्रभावित होकर मुख्य अतिथि ने इसे उत्कृश्ट एवम् अनुशासित परेड़ का नाम दिया तथा नव-आरक्षकों के उज्ज्वल भविश्य और सफल जीवन की मंगल कामना की। कार्यक्रम मे मुख्य रुप से हरेन्द्र सिंह चौहान टूआईसी, दुश्यन्त राज टूआईसी, राजकुमार बोहरा (उपसेनानी), विजय सिंह उप सेनानी, दौलत सिंह, तेजवीर सिंह, विश्वजीत मण्डल सहायक सेनानी, उप सेनानी देवेन्द्र सिंह, रोबिन लोपक, भी मौजुद थे। 

प्रशिक्षण श्रेय दिया उप महानिरीक्षक को

नवम् सि/जीडी के बेच को प्रषिक्षण प्रदान करने का मुख्य श्रेय संस्थान प्रमुख भँवर सिंह उप महानिरीक्षक, हरेन्द्र सिंह चौहान, प्रषिक्षण अधिकारी दुष्यंत राज जायसवाल तथा उनकी टीम के सदस्य दौलत सिंह सहायक सेनानी, विश्वजीत मण्डल सहायक सेनानी, निरीक्षक जीडी मक्खन सिंह, निरीक्षक जीडी केशव चन्द, निरीक्षक जीडी संजीव कुमार, उप निरीक्षक जीडी ओम चन्द व उप निरीक्षक रमेष चन्द को जाता है।  
                            

परेड़ नेतृत्व का नेतृत्व मिला देवेंद्र सिंह को 

सि/जीडी नवम बैच की सम्पूर्ण पासिंग आऊट नव-आरक्षक सि/जीडी बचोलकर प्रसाद ईष्वर द्वारा किया गया। परेड की द्वितीय-कमान सि/जीडी देवेन्द्र सिंह के हाथों में थी। 

यह रहे श्रेष्ठ प्रशिक्षु

सि/जीडी नवम समुदाय में प्रषिक्षण के दौरान जिन प्रषिक्षुओं ने सर्वश्रेश्ठ प्रदर्षन किया उनमें सि/जीडी देवेन्द्र सिंह को ड्रिल में सर्वश्रेश्ठ, सि/जीडी (रिक्रूट) वीरकर षंकर गुलाब को फायरिंग, सि/जीडी अमित दादासाहेब को पीटी, सि/जीडी राजेष कुमार को वेपन, तथा सि/जीडी कमल कुमार को बेस्ट सपोर्टस पर्सन चुना गया। इसके अतिरिक्त सि/जीडी बचोलकर प्रसाद ईश्वर को ओवर ऑल बेस्ट प्रषिक्षु चुना गया। समारोह के मुख्य अतिथि देविन्द्र सिंह महानिरीक्षक के कर-कलमां इन प्रषिक्षुओं के प्रोत्साहन व मनोबल को ऊँचा रखने हेतु ट्रॉफियाँ भी प्रदान की गई।
परेड की समाप्ति के उपरान्त हरेन्द्र सिंह चौहान, द्वितीय-कमान नें मुख्य अतिथि महोदय व आमंत्रित गणमान्यों का हार्दिक धन्यवाद व आभार व्यक्त किया।

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