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अध्यापकों की सैलरी 4000 रुपए तक कम

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सितंबर यानि शिक्षक दिवस वाला महीना और इसी माह अध्यापकों को भारी नुकसान होने जा रहा है। इस माह मिलने वाली उनकी सैलरी में 4 हजार रुपए तक की कटौती होने जा रही है। इसके साथ ही आने वाले महीनों में 20 हजार रुपए तक की रिकवरी होगीए सो अलग। ऐसा इसलिए हो रहा हैए क्योंकि इस माह से छठवें वेतनमान के नए गणना पत्रक के मुताबिक सैलरी तय की जा रही है। सबसे ज्यादा नुकसान में वे अध्यापक हैंए जिनकी नियुक्त 1998 और 2003 में हुई है। उनमें भी वर्ग 2 के अध्यापक के वेतनमान में सबसे ज्यादा कटौती हो रही है। सबसे कम नुकसान में सहायक अध्यापक ;वर्ग 3द्ध हैंए हालांकि उन्हें भी 1500 रुपए तक का नुकसान होगा। बाद में नियुक्त हुए अध्यापकों को भी 1500 तक कम वेतन मिलेगा।

क्यों हो रही है कटौती रू दरअसल पूर्व में छठवें वेतनमान की गणना में 1998 से वरिष्ठता को जोड़ा गया था। इस दौरान समय.समय पर मिले इंक्रीमेंट और क्रमोन्नत वेतनमान को आधार बनाते हुए छठवां वेतनमान तय किया गया था।

किसको कितना नुकसान

1998 व 2003 की नियुक्ति वाले अध्यापक

संवर्ग नुकसान ;रुण् प्रतिण्द्ध

वरिष्ठ अध्यापक 3000.3500

अध्यापक 3000.4000

सहायक अध्यापक 500.1500

2003 के बाद नियुक्त अध्यापक

संवर्ग ;रुपए प्रतिमाहद्ध

वरिष्ठ अध्यापक 800.1200

अध्यापक 700.1500

सहायक अध्यापक 400.500

अध्यापकों के मामले में ही सबसे ज्यादा गड़बड़ियां

राज्य अध्यापक संघ के नरेंद्र भार्गव का कहना है कि सरकार का गणना पत्रक विसंगतियों से भरा हुआ है। ऐसा हमेशा अध्यापकों के मामले में ही होता है। हमें छठवां वेतनमान देर से दिया गया। फिर दिया गया तो उसमें तमाम विसंगतियां छोड़़ दी गईं। अब फिर से विसंगतियों से भरा गणना पत्रक हम पर थोपा जा रहा है। आजाद अध्यापक संघ के राजमणि दुबे ने भी तीखा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि अध्यापकों के साथ सबसे ज्यादा अन्याय हो रहा है।

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