
भोपाल। जुलाई-2016 में शहर में आई बाढ़ का मुआवजा अब तक पूरा नहीं बंट पाया है। पीड़ितों में बंटने वाला करीब 400 क्विंटल गेहूं खाद्य विभाग के पास पड़े-पड़े खराब हो रहा है। जबकि, बाढ़ का मुआवजा न मिलने संबंधी सीएम हेल्पलाइन में करीब डेढ़ दर्जन से अधिक शिकायते लंबित पड़ी हैं और दो दर्जन से अधिक शिकायते बंद कर दी गई हैं। खास बात यह है कि गेहूं का यह स्टाक राशन दुकानों में रखा हुआ है और खाद्य विभाग इसे लेकर कोई फैसला नहीं ले पा रहा है, जबकि इसे बांटा जाना है।बता दें कि जुलाई-2016 में शहर में बाढ़ आ गई थी, जिसकी वजह से लोगों के घरों में पानी भर गया। इसे देखते हुए पीड़ित परिवारों को मुआवजा और राशन दिया गया था। जिसके लिए सभी राशन दुकानों पर फूड कूपन देकर अनाज दिया गया। लेकिन पीड़ितों में बांटा जाने वाला करीब 400 क्विंटल गेहूं बांटा ही नहीं गया, जो राशन दुकानों में सड़ रहा है। इस गेहूं को लेकर दुकानदार कई बार समायोजन की बात कह चुके हैं, लेकिन विभाग के अफसर इसे लेकर कोई फैसला नहीं ले पा रहे हैं।
केस-1- अब तक नहीं मिला मुआवजा
साहब, जुलाई 2016 में बारिश के दौरान हमारे घर में पानी भर गया था। पीड़ितों को मुआवजा देने की घोषणा भी की गई थी। राहत राशि के रूप में 5 हजार रुपए और राशन दिया जाना था, लेकिन डेढ़ साल बीतने के बाद भी मुआवजा नहीं दिया गया और न ही मेरे अकाउंट में कोई राशि आई। यह शिकायत सीएम हेल्पलाइन में 22 मार्च 2017 को वार्ड क्रमांक 36 में रहने वाले रंजीत गुप्ता ने दर्ज कराई थी। यह शिकायत एल-1 से लेकर एल-4 लेवल पर पहुंच गई, लेकिन अब तक इसका निराकरण नहीं हुआ।
केस-2- नुकसान हुआ पर मुआवजा नहीं दिया
ऐशबाग के पास रहने वाली मेहरून निशा ने 19 अप्रैल 2017 को शिकायत दर्ज कराई थी कि बरसात में उनकी झुग्गी में पानी भर गया था, इससे जो नुकसान हुआ उसका मुआवजा अब तक नहीं दिया गया है। जबकि कई बार अकाउंट नंबर दिया जा चुका है। मामला अब तक लंबित है। इसी तरह की शिकायत बाबूलाल जयसवाल ने भी की है।
समायोजन की तैयारी है
– राशन दुकानों में यह गेहूं रखा हुआ है। हमें पता है। इस राशन को समायोजित कराया जाएगा। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं। – ज्योतिशाह नरवरिया, जिला खाद्य अधिकारी






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