नई दिल्ली। मोदी मंत्रिमंडल काबहुप्रतीक्षित तीसरा विस्तार आज सुबह 10.30 बजे किया गया। इस शपथ ग्रहण
समारोह में 13 मंत्रियों ने शपथ ली। इसमें चार मंत्रियों को प्रमोशन मिला,
जबकि नौ नए राज्यमंत्रियों ने शपथ ली है।
मंत्रिमंडल में जिन मंत्रियों को प्रमोशन मिला है उनमें मुख्तार अब्बास
नकबी, निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल और धर्मेंद्र प्रधान शामिल हैं। वहीं
जिन नौ नए चेहरों को कैबिनेट में शामिल किया गया है उनमें उत्तर प्रदेश के
शिवप्रताप शुक्ल और सत्यपाल सिंह, बिहार के आरके सिंह और अश्विनी कुमार
चौबे, कर्नाटक से अनंत कुमार हेगड़े, राजस्थान के गजेंद्र सिंह शेखावत,
केरल के अलफोंस कननथामन, मध्य प्रदेश वीरेंद्र कुमार और पंजाब के पूर्व
आईएफएस अधिकारी हरदीप सिंह पुरी शामिल हैं।
- मोदी मंत्रिपरिषद में कैबिनेट मंत्री के रूप में पदोन्नत किए गए
मुख्तार अब्बास नकवी झारखंड से राज्यसभा सदस्य हैं। नकवी अभी तक अल्पसंख्यक
मामलों के मंत्रालय में स्वतंत्र प्रभार के मंत्री के रूप में जिम्मेदारी
संभाल रहे थे। नकवी पर भरोसा जताते हुए प्रधानमंत्री ने उन्हें कैबिनेट
मंत्री के रूप में प्रोन्नत किया है। जनता पार्टी से विधायक बनने के साथ
1980 के दशक में राजनीति की शुरूआत करने वाले नकवी 1986 में भाजपा में
शामिल हो गये और तब से लगातार पार्टी के प्रमुख अल्पसंख्यक चेहरे के तौर पर
जाने जाते हैं। - पेट्रोलियम मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार संभाल रहे युवा मंत्री
धर्मेंद्र प्रधान को मोदी सरकार में अब कैबिनेट मंत्री के रूप में बड़ी
जिम्मेदारी दी गयी है। बिहार राज्य से उच्च सदन में प्रतिनिधित्व कर रहे
प्रधान मूल रूप से ओडिशा से आते हैं। वह ओडिशा विधानसभा के सदस्य भी रहे
हैं। वह भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं। - अपने बेहतर कामकाज को लेकर कैबिनेट मंत्री के रूप में प्रोन्नत किये
गये पीयूष गोयल भी राज्यसभा के सदस्य हैं। वह पार्टी के राष्ट्रीय
कोषाध्यक्ष रह चुके हैं। 2014 में मोदी सरकार के आने के बाद गोयल की अगुवाई
में बिजली मंत्रालय ने 2022 से पहले देश के हर घर में बिजली पहुंचाने का
लक्ष्य निर्धारित किया है। उनके पिता वेद प्रकाश गोयल भी अटल बिहारी
वाजपेयी की सरकार में मंत्री रहे थे। - कैबिनेट मंत्री के रूप में आज शपथ लेने वाली निर्मला सीतारमण भी
राज्यसभा सांसद हैं और तमिलनाडु से आती हैं। उन्हें भाजपा के दक्षिण भारत
से आने वाले प्रमुख नेताओं में गिना जाता है। वह अपने विरोधियों को मुखर
जवाब देने और भाजपा तथा सरकार की बात दमदारी से रखने के लिए भी जानी जाती
हैं। - मोदी मंत्रिपरिषद विस्तार में राज्य मंत्री के रूप में शपथ लेने वालों
में शिव प्रताप शुक्ल उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य है। आपातकाल के
दौरान 19 महीने जेल में रहे। - अश्विनी कुमार चौबे बिहार के बक्सर से लोकसभा सदस्य हैं और बिहार में
प्रदेश सरकार में मंत्री भी रहे। उन्होंने जेपी आंदोलन से राजनीति की
शुरुआत की थी। - राजकुमार सिंह 1975 बैच के पूर्व आइएएस अधिकारी हैं और बिहार के आरा
से लोकसभा सदस्य हैं। वे केंद्रीय गृह सचिव और रक्षा उत्पादन सचिव भी रहे
हैं। - वीरेंद्र कुमार मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ से सांसद हैं। दलित नेता
वीरेन्द्र कुमार छह बार सांसद और कई संसदीय समितियों के सदस्य रहे हैं। - अनंत कुमार हेगड़े कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ से लोकसभा सांसद हैं। 28
साल की उम्र में पहली बार सांसद बनने के बाद लोकसभा में यह पांचवीं पारी
है। - हरदीप सिंह पुरी 1974 बैच के आइएफएस अधिकारी है। संयुक्त राष्ट्र में
भारत के स्थायी प्रतिनिधि रहने के साथ कई देशों में भारत के राजदूत रहे।
हिंदू कॉलेज, दिल्ली में पढ़ाई के समय जेपी आंदोलन में सक्रिय रहे हैं। - गजेंद्र सिंह शेखावत जोधपुर, राजस्थान से लोकसभा सदस्य हैं।
टेक्नो-सैवी और प्रगतिशील किसान माने जाते हैं। वे राष्ट्रीय स्तर के
खिलाड़ी रहे हैं। - सत्यपाल सिंह उत्तर प्रदेश के बागपत सीट से अजीत सिंह को हराकर सांसद
बने। 1980 बैच के आइपीएस अधिकारी सिंह मुंबई के पुलिस आयुक्त रह चुके हैं। - अल्फॉस कन्ननथनम 1979 बैच के आइएएस अफसर और केरल के भाजपा नेता हैं ।
1989 में उनके डीएम रहते कोट्टायम सौ फीसद साक्षरता वाला देश का पहला शहर
बना था।
शपथ समारोह से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी नए मंत्रियों को
ब्रेक फास्ट पर बुलाया है, जिसमें प्रधानमंत्री भविष्य को अपने विजन से इन
नए मंत्रियों को अवगत कराएंगे। हालांकि इस शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय
मंत्री उमा भारतीय शामिल नहीं हुई।





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