हनुमान जयंती पर विशेष

गौरव पाठक
पिछोर। विश्वास सदैव फलदायक होता है। कुछ स्थान ऐसे होते हैं, जहां विश्वास सहज ही लोगों के दिलों के में अपना स्थान बना लेता है, उसका कारण वहां मांगे जाने वाली हर मुराद का पूरा होना होता है। ऐसा ही चमत्कारिक स्थल पिछोर में स्थित सिद्ध श्री टेकरी सरकार मन्दिर है। यह स्थान अब शिवपुरी जिले में ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मध्य प्रदेश, भारत में एक प्रसिद्ध चमत्कारिक स्थल के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। जिससे दूर-दूर से लोग अपनी फरियाद लेकर इस दरबार में आते हैं और यहां विराजित श्री हनुमान जी महाराज के आशीर्वाद से लाभान्वित होते हैं।
सिद्ध श्री टेकरी सरकार मन्दिर जहां हनुमान जी की चिह्म्द्मकर्षक प्रतिमा है, बिलकुल ओरछा के छारद्वारी के हनुमान जी जैसी है, जिससे यह स्पष्ट होता है, कि इस मन्दिर का सश्वपर्क ओरछा से रहा है। हजारों वर्ष प्राचीन प्रभु की प्रतिमा विशाल शिला पर स्वयं प्रकट शोभायमान है। मन्दिर के आस-पास खुदायी के दौरान प्राचीन अवशेष निकलते हैं। साथ ही गणेश जी एवं माताजी की प्रतिमा भी निकली है, जिससे यह प्रतीत होता है, कि किसी समय यहां विशाल मन्दिर रहा होगा। श्री हनुमान जी के इस मन्दिर का प्रमुख आकर्षण का केन्द्र, यहां चलने वाला अखण्ड रामायण का है, जो 13 अक्टूबर 1996 से बिना रूके चल रहा है। लगभग २१ वर्ष से चलित इस रामायण पाठ में आज तक कभी ऐसी स्थिति नहीं आयी, कि इसे एक सेकेण्ड को भी रोका गया हो, कहा गया है, कि रामायण की प्रत्येक चौपाई, दोहा एक मंत्र है और इन मंत्रों का लगातार गुंजायमान यहां के वातावरण को पवित्रता प्रदान कर रहा है और यही कारण है, कि मंदिर के पीछे स्थित पहाड़ जिसे मुण्डा पहाड़ के नाम से जानते हैं, मुण्डा इसलिए कि इस पर कोई वनस्पति नहीं उगती थी, जैसे यह शापित हो, परन्तु अब लोगों को आश्चर्य है, कि यह स्थान रामायण शुरू होने से हरे-भरे पेड़ों से आच्छादित है। ऐसा लगता है, कि जैसे विभिन्न देवता वृक्षों के रूप में आकर मूक भाव से रामायण का पाठ सुन रहे हैं। टेकरी मंदिर के सामने ही लक्ष्मीनारायण जी का मंदिर है, जिसके पीछे की ओर पहाड़ी पर ओरछा के राजा वीरसिंह जू देव द्वारा बनवाया गया किला है। मंदिर के दायीं ओर राजसी समय का ही मोती सागर सरोवर है तथा अयन्त सुन्दर शिव मंदिर जलेश्वर महादेव तथा मौरैया महादेव है, जहां भोले बाबा अपने पूरे परिवार के साथ विराजमान हैं। टेकरी सरकार मंदिर से ही लगी हुई गौशाला है, जो मंदिर के पीछे की ओर स्थित है। गौरतलब है, कि बिना किसी शासकीय सहयोग के यह जिले की एक मात्र गौशाला है, जहां बीमार गायों का इलाज और उनकी सेवा पूर्ण मनोयोग से की जाती है। वर्तमान में लगभग आधा सेकड़ा गायें इस गौशाला में हैं। टेकरी सरकार मंदिर के वायीं ओर पिछोर नगर वसा हुआ है, जहां दिन-रात मंदिर में होने वाली रामायण पाठ की ध्वनि सदैव प्रसारित होती रहती है और यहां के लोगों को इस कर्ण प्रिय ध्वनि को सुनने की आदत पड़ गयी है, चाहे दिन के दो बजे हों या फिर रात के दो हर समय मंदिर से रामायण की करने का भी सरल तरीका है। नाम मात्र की राशि, भेंट, प्रसाद करवाने वाले की ओर से नियत तिथि के लिए दिया जाता है, जिसकी रसीद मंदिर प्रबंधन द्वारा दी जाती है। वर्तमान में आगामी एक साल तक पाठ करवाने वालों की ओर अग्रिम बुकिंग है। हर वार 108 रामायण पाठ पूर्ण होने पर हवन, भंडारा भी किया जाता है। इसके अतिरिक्त टेकरी सरकार लोक कल्याण समिति द्वारा वर्ष भर कार्यक्रमों का आयोजन होता है। इस संदर्भ में जानकारी देते हुए समिति के अध्यक्ष श्री वीरेन्द्र पाठक (कक्का) द्वारा बताया गया, कि कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को अन्नकूट का आयोजन, वार्षिक शारदीय नवरात्रि को कन्या भोज होता है, वहीं तुलसीदास जयंती एवं अन्य पर्व उत्साह से मनाये जाते हैं।
भव्यता से मनाया हनुमान जन्मोत्सव
पिछोर के सिद्ध श्री टेकरी सरकार के साथ ही यहां अन्य प्रमुख हनुमान मंदिरों में बाबड़ी धाम हनुमान मंदिर जहां तीन वर्ष से प्रति मंगलवार मंगला सुंदरकांड होता है, हनुमान वाग, सिरसा हनुमान मंदिर, बड़ा बाजार, देवी पुरा हनुमान मंदिर एवं गल्ला मंडी स्थित हनुमान मंदिर सहित अन्य मंदिर पर भी व्यापक स्तर पर हनुमान जन्मोत्सव मनाया गया।






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