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कृषि से आय 2022 तक दोगुना करने के लिए किसानों से चर्चा कर रोडमैप बनाया जाएगा: मुख्यमंत्री

सन् 2022 तक किसानों की कृषि से होने वाली आय दुगना करने
के लिए सितम्बर महीने से रोडमैप बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। रोडमैप
किसानों के साथ चर्चा कर बनाया जाएगा। इसके लिए प्रदेश के हर विकासखण्ड
मुख्यालय पर सितम्बर से किसान सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। यह घोषणा आज
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा जिले के कागपुर में फसल बीमा
योजना प्रमाण-पत्र वितरण हेतु आयोजित समारोह में की। उन्होंने कहा कि
सम्मेलन में किसानों के अलावा कृषि वैज्ञानिक भी मौजूद रहेंगे, जो उस
क्षेत्र की मिट्टी, जलवायु का परीक्षण कर किसानों को राय देंगे कि उन्हें
कौन-सी फसल बोना फायदेमंद हो सकता है।
कागपुर में आयोजित विशाल किसान
सम्मेलन में प्रदेश के उद्यानिकी व खाद्य प्रसंस्करण (स्वतंत्र प्रभार)
राज्यमंत्री श्री सूर्यप्रकाश मीणा, भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री
श्री सौदान सिंह, सांसद श्री लक्ष्मीनारायण यादव विधायक द्वय श्री कल्याण
सिंह ठाकुर, श्री वीर सिंह पवार सहित जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

Roadmap will be discussed with farmers for doubling of income from agriculture by 2022: CMअपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसानों को अब
उनकी फसलों की उचित कीमत मिलेगी। पैदावार से इसका सीधा मतलब नहीं होगा। अब
किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों पर नहीं बेचनी पड़ेगी। मुख्यमंत्री श्री
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इसके लिये भावांतर योजना लागू की जा रही है ।
भावांतर योजना के तहत सरकार किसान द्वारा प्रदेश में अधिसूचित कृषि उपज
मंडी प्रागंण में चिन्हित फसल उपज बेचने पर राज्य सरकार द्वारा घोषित मॉडल
विक्रय दर और केन्द्र द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य के अंतर की राशि
किसानों को भुगतान की जाएगी। यदि इस मूल्य यदि इस मूल्य से बाजार भाव में
एक निश्चित मूल्य से घट-बढ़ हुई तो सरकार इसकी भरपाई करेगी। इससे तय हो
जायेगा कि बाजार में उपज के भाव भले ही कितना भी नीचे रहें, लेकिन किसानों
को उसकी न्यूनतम कीमत मिलेगी ही, ताकि किसान को उसकी उपज का वाजिब मूल्य
मिल सकें। उन्होनें बताया कि मूल्यों का निर्धारण तीन राज्यों के समर्थन
मूल्यों का औसत निकालकर किया जाएगा। न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने में फसल
के उत्पादन में आने वाली लागत शामिल होगी। इसमें बीज, बोनी, कीटनाशक और फिर
मार्केटिंग के खर्च को शामिल किया जायेगा।

श्री चौहान ने कहा कि खेती को
लाभप्रद व्यवसाय बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसीलिये किसानों
की सुविधा के लिये विभिन्न सुविधाएं दी जा रहीं हैं। उन्होंने किसानों को
इन सुविधाओं का लाभ लेने का आग्रह करते हुए कहा कि किसान सीधे अपनी फसल
उपभोक्ताओं को बेच सकें इसके लिये सभी नगरीय निकायों में किसान बाजार बनाने
की पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश के
कुछ अंचलों में अपेक्षाकृत कम वर्षा हुई है। उन्होंने किसानों को आश्वस्त
किया कि किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिये राज्य सरकार
ने कार्ययोजना बना ली है ।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अगले तीन माह में सभी
अविवादित नामांतरण और सीमांकन के प्रकरणों का निराकरण कर लिया जायेगा। इसके
लिये राजस्व विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में अभियान स्तर पर कार्रवाई की जा
रही है । इसके बाद तीन माह से अधिक पुराने लंबित प्रकरणों की जानकारी देने
वाले को एक लाख रूपये का पुरूस्कार दिया जायेगा साथ ही संबंधित राजस्व
अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही भी की जायेगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश की सरकार किसान हितैषी
सरकार है। किसानों के साथ-साथ समाज के गरीब वर्ग के कल्याण के लिए विशेष
कदम उठाए गए है। मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा मिल सकें इसके लिए सरकार ने
विशेष व्यवस्था की है। विदिशा जिले में गरीब तबके के लिए 24 हजार आवासों
की व्यवस्था की है। उन्होंने कहा कि आगामी 25 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक
प्रदेश में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में सभी की सहभागिता की
अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोई भी योजना या अभियान तब
तक सफल नहीं हो सकता जब तक उसमें आम जनता की भागीदारी ना हों।

श्री चौहान ने बताया कि सम्मेलन में उपस्थित किसानों को विदेश मंत्री
श्रीमती सुषमा स्वराज ने शुभकामनाएं दी है तथा कहा है कि वे शीघ्र ही
क्षेत्र का दौरा कर किसानोंं की भलाई के लिए चलाई जा रही योजनाओं पर उनकी
राय जानेंगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कार्यक्रम स्थल पर 21 किसानों को फसल बीमा
योजना के प्रमाण पत्र वितरित किए। जिन किसानों को अभी प्रमाण पत्र नही मिल
सके हैं, उन्हे तहसीलवार उनके घर तक प्रमाण पत्र पहुंचाने की व्यवस्था की
गई है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान दो करोड़ रूपए की लागत से बने सांस्कृतिक भवन,
6.06 करोड़ रूपए की लागत से 7.48 किलोमीटर लम्बे कागपुर, गढ़ला, ककरूआ, बनारी
मार्ग, कागपुर में 22.35 लाख रूपए की लागत के सामुदायिक भवन, 30.38 लाख
रूपए की लागत की कागपुर नल-जल आवर्धन योजना तथा 82.25 लाख रूपए की लागत से
ग्राम कागपुर के निस्तारी तालाब का जीर्णोद्वारा एवं सुदृढीकरण कार्यक्रम
का भूमिपूजन किया। उन्होंने खामखेडा को उप तहसील बनाने, कागपुर में
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा स्कूल के लिए भवन बनाने की घोषणा की।

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