है। इस मौके पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चौथी
बार तिरंगा फहराया और देश की जनता को संबोधित किया।
बाद प्रधानमंत्री ने लाल किला की प्राचीर से अपने भाषण में कहा, ‘देश की
आजादी और आन, बान, शान और गौरव के लिए बलिदान दिया। ऐसे सभी महानुभाओं और
माताओं-बहनों को मैं लाल किले की प्राचीर से नमन करता हूं। कभी-कभी
प्राकृतिक आपदाएं हमारे लिए बहुत बड़ी चुनौती बन जाती है। अच्छी वर्षा देश
को फलने फूलने में बहुत ही योगदान देती है। लेकिन जलवायु परिवर्तन का
नतीजा है कि कभी-कभी ये प्राकृतिक आपदा संकट भी मोल लेते हैं। पिछले दिनों
देश के कई हिस्सों में प्राकृतिक आपदा का संकट आया। एक अस्पताल में मासूम
बच्चों की जान गई। मैं यकीन दिलाता हूं कि ऐसे संकट के मौकों पर कुछ भी
करने में हम कमी नहीं छोड़ेंगे।’
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी
रहेगी। सरकार की योजनाओं में रफ्तार बढ़ी है। सरकार की किसी योजना में
विलंब होता है तो सबसे अधिक नुकसान हमारे गरीब परिवारों को होता है। मैं
सरकार के कामकाज का लेखा-जोखा हर महीने लेता हूं। 9 महीने में मंगलयान
पहुंच सकते हैं, लेकिन 42 साल से रेल का एक प्रॉजेक्ट लटका पड़ा था। एक ऐसा
माहौल था कि केंद्र बड़ा भाई है और राज्य छोटा। लंबे समय तक मुख्यमंत्री
रहा हूं और मैं जानता हूं कि राज्यों के विकास में मुख्यमंत्री का कितना
योगदान रहता है। आज हम राज्यों को ताकत देकर बिजली के कारखानों के कारोबार
में जो समस्याएं थीं उसका मिलकर समाधान किया।’
जम्मू-कश्मीर पर
पीएम मोदी ने कहा, ‘आज भारत की साख विश्व में बढ़ रही है। आतंकवाद के खिलाफ
लड़ाई में आज हम अकेले नहीं हैं। दुनिया के कई देश सक्रिय रूप से मदद कर
रहे हैं। विश्व के देशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर का विकास, सामान्य नागरिक के सपनों को पूरा करना जम्मू-कश्मीर
की सरकार के साथ इस देशवासियों का संकल्प है। कश्मीर के अंदर जो कुछ होता
है, आक्षेप भी बहुत होते हैं। मैं साफ मानता हूं कि कश्मीर में जो कुछ हो
रहा है मेरे दिमाग में साफ है कि न गाली से समस्या सुलझेगी न गोली से
परिवर्तन होगा कश्मीरियों को गले लगाकर। आतंकवादियों को बार-बार हमने कहा
है कि आप मुख्यधारा में आइए। आतंकियों के साथ कोई नर्मी नहीं बरती जाएगी।
आतंकवादियों को बार-बार हमने कहा है कि आप मुख्यधारा में आइए। आतंकियों के
साथ कोई नर्मी नहीं बरती जाएगी। भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी
रहेगी। अलगाववादी नए-नए पैंतरे आजमाते रहते हैं, लेकिन आतंकियों के साथ हम
कोई नरमी नहीं बरतेंगे।’
उन्होंने कहा, ‘अभी पिछले सप्ताह ही क्विट
इंडिया मूवमेंट के 70 साल पूरे हुए। यह वर्ष है जब चंपारण आंदोलन की
शताब्दी मना रहे हैं। लोकमान्य तिलक जी ने सार्वजनिक गणेश उत्सव परंपरा को
प्रारंभ किया था उसके भी इस साल 125 साल पूरे हो रहे हैं। आज आजादी का 70
और 2022 में आजादी का 75 साल मनाएंगे। 1942 से 47 के बीच देशवासियों ने
अंग्रेजों के नाक में दम किया। अंग्रेजों को भारत छोड़कर जाना पड़ा।’
प्रधानमंत्री
ने कहा, ‘हमें 2022 में आजादी के दीवानों के सपनों के अनुरूप भारत बनाने
के लिए सवा सौ करोड़ देशवासियों के संकल्प और पुरुषार्थ से इस सपने को पूरा
करना है। सामूहिकता की शक्ति बहुत बड़ी होती है। प्रभु श्रीकृष्ण एक लकड़ी
लेकर खड़े हो गए और गोवर्धन पर्वत को उठा लिया। श्रीराम को लंका जाना था
वानर सेना उनके साथ खड़ी हो गई। हर कोई अपनी जगह से 2022 के लिए एक नई
ऊर्जा, नए संकल्प के साथ परिवर्तन ला सकते हैं। न्यू इंडिया जो सुरक्षित
हो, समृद्धशाली हो। सबको समान अवसर उपलब्ध हों।’
लाल किले की प्राचीर
से पीएम ने कहा, ‘आजादी का जब आंदोलन चल रहा था तब एक शिक्षक स्कूल में
पढ़ाता था, एक मजदूर मजदूरी करता था, लेकिन हृदय में यह भाव था कि जो भी
काम कर रहा हूं आजादी के लिए कर रहा हूं। हम परिश्रम करते हैं, लेकिन मां
भारती की भव्यता-दिव्यता के लिए राष्ट्रभक्ति से समर्पित हो काम करते हैं
तो उसकी ताकत कई गुणा बढ़ जाती है। 2018 के 1 जनवरी को मैं सामान्य 1 जनवरी
नहीं मानता हूं। 21वीं शताब्दी में जन्मे नौजवानों के लिए यह वर्ष
महत्वपूर्ण है। 21वीं सदी का भाग्य ये नौजवान बनाएंगे जो अब 18 साल के होने
जा रहे हैं। मैं इन सभी नौजवानों से कहना चाहूंगा कि आइए देश के निर्माण
में अपनी भूमिका निभाइए।’
उन्होंने कहा, ‘कृष्ण ने अरुजन को
कुरुक्षेत्र के युद्ध में कहा था कि मन का विश्वास पक्का हो तो सफलता जरूर
मिलती है। मैं मानता हूं कि चलता है, ठीक है इसको छोड़ना होगा। अब तो आवाज
यही उठे बदलता है, बदल रहा है, बदल सकता है। साधन हो संसाधन हो, लेकिन जब
यह त्याग और तपस्या से जुड़ जाते हैं तो बहुत बड़ा परिवर्तन आता है। संकल्प
सिद्धि से जुड़ जाता है। देश की रक्षा-सुरक्षा आम जनता के दिल में बहुत
बड़ी बात है। बलिदान की पराकाष्ठा करने में हमारे वीर कभी पीछे नहीं रहे।
यूनिफॉर्म में रहने वाले लोगों ने त्याग किया है। सर्जिकल स्ट्राइक हुई तो
दुनिया को हमारा लोहा मानना पड़ा। सर्जिकल स्ट्राइक पर दुनिया ने माना देश
का लोहा। भारत अपने आप में सामर्थ्यवान है और देश की सुरक्षा से खिलवाड़
करने वालों को हम पस्त कर सकते हैं।’
प्रधामंत्री ने कहा, ‘मेरे
प्यारे देशवासियों! आज ईमानदारी का उत्सव मनाया जा रहा है। बेईमानी के लिए
सिर छुपाने की जगह नहीं मिल रही है। अब गरीबों को लूटकर अपनी तिजोरी भरने
वाले चैन से नहीं सो सकते। अब गरीबों के मन में यह विश्वास पैदा हो रहा है
कि यह देश ईमानदारों के लिए है। सेना के लिए सालों से लटके वन रैंक वन
पेंशन को हमने लागू किया। GST जिस तरह से सफल हुआ उसके पीछे कोटि-कोटि
लोगों का हाथ है। आज दोगुनी रफ्तार से सड़कें बन रही हैं, दोगुनी रफ्तार से
रेल की पटरी बिछाई जा रही हैं। 14 हजार से ज्यादा गांवों को पहली बार
बिजली मिली है। 29 करोड़ गरीबों के बैंक अकाउंट खुले हैं। युवाओं को रोजगार
के लिए बैंक से लोन की स्वीकृति मिलती है। 2 करोड़ गरीब माताओं को लकड़ी
के चूल्हे से मुक्ति मिलती है। वक्त बदल गया है। सरकार जो कहती है वही अब
करने के लिए प्रतिबद्ध है।’
उन्होंने कहा, लंबे समय तक मुख्यमंत्री
रहा हूं और मैं जानता हूं कि राज्यों के विकास में मुख्यमंत्री का कितना
योगदान रहता है। आज हम राज्यों को ताकत देकर बिजली के कारखानों के कारोबार
में जो समस्याएं थीं उसका मिलकर समाधान किया। आज सभी राज्य कंधे से कंधा
मिलाकर केंद्र के साथ चल रहे हैं। न्यू इंडिया हमारी सबसे बड़ी ताकत है।
हमने लोकतंत्र को मतपत्र तक सीमित कर दिया है। न्यू इंडिया में हम लोगों से
तंत्र चले, तंत्र से लोक नहीं उस दिशा में जाना चाहते हैं। स्वराज्य हम
सबका दायित्व होना चाहिए। जब नोटबंदी की बात आई दुनिया को आश्चर्य हो रहा
था। यहां तक लोग कह रहे थे कि अब मोदी गया। आज भ्रष्टाचार पर नकेल लगाने
में हम एक के बाद एक कदम उठाने में सफल हो रहे हैं। लाल बहादुर शास्त्री ने
जय जवान जय किसान का नारा दिया था। प्राकृतिक आपदाओं के बीच में हमारे देश
के किसान नई-नई सिद्धियों को हासिल कर रहा है। इस बार मेरे देश के किसानों
ने दाल उत्पादन किया तो सरकार ने 16 लाख टन दाल खरीदकर किसानों को बढ़ावा
दिया। इतने कम समय में सवा करोड़ किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से
जुड़ गई है। आने वाले समय में 50 योजनाएं किसानों के लिए जुड़ जाएंगी।
करोड़ों की सब्जियां, फसल बर्बाद हो जाती हैं। हमने FDI को बढ़ावा दिया
ताकि किसानों की फसल बर्बाद न हो।’
सरकार की उपलब्धियों को गिनाते
हुए उन्होंने कहा, ‘हमारे देश में नेचर ऑफ जॉब में भी बहुत बड़ा बदलाव आ
रहा है। मानव संसाधन के विकास के लिए कई योजनाएं सरकार ने शुरू की। पिछले 3
साल में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के कारण करोड़ों युवाओं को स्वरोजगार
की प्रेरणा मिली। पिछले 3 वर्षों में 6 नए IIM, 8 नए IIT का हमने निर्माण
किया।’
प्रधामंत्री ने कहा, ‘भविष्य निर्माण में माताओं-बहनों का
योगदान अहम होता है। मैं उन बहनों का अभिनंदन करना चाहता हूं कि जो बहनें
तीन तलाक से पीड़ित थीं उन्होंने आंदोलन खड़ा किया। बुद्धिजीवियों को हिला
दिया। इस आंदोलन को चलाने वाली बहनों का हृदय से अभिनंदन करता हूं। मुझे
विश्वास है कि बहनों की इस लड़ाई में हिंदुस्तान इनकी पूरी मदद करेगा।
कभी-कभी धैर्य के अभाव में कुछ लोग आस्था के नाम पर ऐसी चीजें कर देते हैं
जिससे देश का ताना-बाना कमजोर होता है। आस्था के नाम पर हिंसा को बढ़ावा
नहीं दिया जा सकता। यह देश बुद्ध का है, गांधी का है। यहां आस्था के नाम पर
हिंसा के रास्ते को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। उस वक्त नारा था भारत छोड़ो
और आज हमारा नारा है, ‘भारत जोड़ो’। ट्रेन भी ट्रैक बदलती है तो ट्रेन की
स्पीड कम हो जाती है। हम देश को नए ट्रैक पर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं,
लेकिन हमने स्पीड कम नहीं होने दी। 21वीं सदी में भारत को बढ़ाने का सबसे
ऊर्जावान क्षेत्र है हमारा पूर्वी भारत है। अथाह सामर्थ्य वाला क्षेत्र है।
हमारा पूरा ध्यान बिहार, बंगाल, उत्तर प्रदेश, असम, नॉर्थ ईस्ट वाले हमारे
राज्य हैं।’
उन्होंने कहा, ‘सरकार बनने के बाद हमने पहला काम किया
था एसआइटी बनाने का। हमने काला धन सरेंडर कराया है। जो काला धन छिपा था उसे
हम मुख्यधारा में लाने में सफल रहे। नोटबंदी के बाद 3 लाख करोड़ रुपया
बैंकिंग सिस्टम में आया। 1.75 लाख करोड़ की राशि शक के घेर में हैं। अब
व्यवस्था के साथ उन्हें अपना जवाब देना है। नए करदाताओं की संख्या इस साल
दोगुनी से भी ज्यादा हुई है। 18 लाख से ज्यादा ऐसे लोगों को पहचाना गया है
जिनकी आय उनके हिसाब-किताब से ज्यादा है। एक लाख लोग ऐसे सामने आए हैं
जिन्होंने कभी इनकम टैक्स का नाम भी नहीं सुना था, लेकिन आज उन्हें इनकम
टैक्स जमा करना पड़ रहा है। नोटबंदी के बाद जब डेटा माइनिंग की गई तो 3 लाख
ऐसी कंपनियां पाईं गईं जो सिर्फ हवाला का कारोबार करती थीं। उनमें से पौन 2
लाख कंपनियों पर ताले लटक गए। कुछ तो ऐसी शेल कंपनियां थीं जिनके एक ही
पते पर कई-कई कंपनियां चलती थीं। हमने उन पर कार्रवाई की। जीएसटी के कारण
हजारों करोड़ की बचत हुई है समय की भी बचत हुई है। चेकपोस्ट खत्म हुए।
नोटबंदी के बाद बैंकों के पास धन आया है।’
डिजिटल लेन-देन पर जोर
देते हुए मोदी ने कहा, ‘विश्व का सबसे बड़ा युवा वर्ग हमारे देश में हैं।
क्या अब भी हम उसी पुरानी सोच में रहेंगे? आज जो कागज के नोट हैं वो समय के
साथ डिजिटल में बदलने वाला है। पिछले साल की तुलना में डिजिटल लेन-देन में
34 फीसदी का बढ़ावा हुआ है। हिंदुस्तान की कुछ योजनाएं ऐसी हैं जिससे
लोगों का पैसा बचने वाला है। सस्ती दवाई गरीब के लिए बहुत बड़ी राहत है। हम
गरीब और मध्यमवर्ग के लिए एक से बढ़कर एक योजनाएं शुरू कर रहे हैं। हमने
जिला स्तर तक डायलिसिस को पहुंचाया है। हम तेजस हवाई जहाज के द्वारा दुनिया
के अंदर अपनी धमक पहुंचा रहे हैं। जीएमसटी से देश की कार्यक्षमता 30 फीसदी
बढ़ी है। सही समय पर कोई कार्य पूरा न किया गया तो इच्छित परिणाम कभी नहीं
मिलते। ऐसा हमारे शास्त्रों में कहा गया है।’
उन्होंने कहा, ‘सही
समय पर कोई कार्य पूरा न किया गया तो इच्छित परिणाम कभी नहीं मिलते। ऐसा
हमारे शास्त्रों में कहा गया है। न्यू इंडिया में हम सब मिलकर ऐसा देश
बनाएंगे जहां महिलाओं को अपने सपने पूरे करने की आजादी होगी। हम ऐसा भारत
बनाएंगे जहां भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद से कोई समझौता नहीं होगा। इस
विकास की दौड़ में हम सब मिलकर आगे बढ़ने का काम करेंगे। एक दिव्य और भव्य
भारत के सपने को लेकर सभी देशवासी चलें। इसी विचार के साथ मैं आजादी के
मतवालों को प्रणाम करता हूं। इसी विचार के साथ मैं सवा सौ करोड़ देशवासियों
का हृदय से अभिनंदन करता हूं। जय हिन्द! जय भारत।’ मंच से पीएम मोदी ने
वंदे मातरम का नारा लगाया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ।
लाल
किले आने से पहले प्रधानमंत्री राजघाट पहुंचे, जहां पर उन्होंने बापू को
श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वह करीब 7.20 बजे लालकिले के लौहारी गेट पहुंचे
जहां पर रक्षा मंत्री अरुण जेटली, रक्षा राज्य मंत्री सुभाषा भामरे और
रक्षा सचिव संजय मित्रा ने उनकी अगवानी की।
इसके बाद सेना की दिल्ली
एरिया के जीओसी जनरल ऑफिसर कमांडिंग ले. जनरल एम.एम नरवाने पीएम को
सैल्यूटिंग गार्ड्स की तरफ लेकर गए जहां पर सेना की जम्मू-कश्मीर लाइट
इन्फ्रेंट्री के जवान और दिल्ली पुलिस के जवान गार्ड्स ऑफ ऑनर दिया। इसके
बाद पीएम लाल किले की प्रचीर पर पहुंचे जहां पर तीनों सेना के अध्यक्ष और
रक्षा मंत्री एक बार फिर से उनकी अगवानी के लिए खड़े थे।
लालकिले की
प्राचीर पर ले. कर्नल कंचल कुल्हारी ने पीएम मोदी को झंडा फहराने में
सहायता की। इस दौरान कैप्टन मो. हसाब खान और ले. विनय पीएम के डायस के
दोनों तरफ एडीसी के तौर पर तैनात थे। झंडा फरहाते ही 21 तोपों की सलामी दी
गई। उसके बाद पीएम का भाषण शुरू हुआ।





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