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परिजन लावारिस छोड़ गए नवजातों को : कंबल में लपेट कर तारों में लटकाया बच्ची को और 2 घंटे के बेटे को फ़ीमेल वार्ड में छोड़कर भागी माँ /#राजस्थान

बांसवाड़ा

राजस्थान में पिछले 15 घंटे में 2 नवजातों को लावारिस छोड़ने का मामला सामने आया है। बांसवाड़ा में महज 2 घंटे पहले हुए नवजात बेटे को मां सरकारी हॉस्पिटल के फीमेल वार्ड में छोड़ कर भाग गई। इसी तरह, पाली के सोजत में 4 दिन के नवजात को परिवार वाले कंबल में लपेट कर बॉउंड्री वॉल के तार पर लटकाकर चले गए। गार्ड ने बच्ची के रोने की आवाज सुनी तो घटना की जानकारी लगी। दोनों मामले बुधवार शाम के हैं।

बांसवाड़ा के अरथूना स्थित सरकारी हॉस्पिटल में पैदा होने के 2 घंटे बाद ही इस मासूम को इसकी मां छोड़कर भाग गई।

बांसवाड़ा के अरथूना स्थित सरकारी हॉस्पिटल में पैदा होने के 2 घंटे बाद ही इस मासूम को इसकी मां छोड़कर भाग गई।

पहला मामला: बांसवाड़ा

जल्दबाजी में थी महिलाएं

अरथूना के थानाधिकारी नरेंद्र सिंह भाटी ने बताया- मामला बांसवाड़ा के परतापुर ब्लॉक अधीन अरथूना थाना इलाके का है। बच्चे को सुरक्षा और स्वास्थ्य को देखते हुए बाल कल्याण समिति को सुपुर्द किया है। बच्चे की मां और उसके साथ आई महिला के बारे में जानकारी जानकारी जुटाई जा रही है।

सीएचसी प्रभारी डॉ. उज्जवल जैन ने बताया- अस्पताल में शिफ्टिंग चल रही थी। यह पहली डिलीवरी थी। बुधवार सुबह 8 बजे एक गर्भवती को एक महिला अस्पताल लेकर आई। महिला से जरूरी दस्तावेज मांगे तो बताया कि थोड़ी देर में परिजन आकर जमा करवा देंगे। शाम को महिला का प्रसव समय पूरा हो चुका था और डिलीवरी कभी भी हो सकती थी। इमरजेंसी केस होने पर महिला को भर्ती कर डिलीवरी कराई गई। नॉर्मल डिलीवरी के बाद महिला ने बेटे को जन्म दिया।

सरकारी अस्पताल में इसी फीमेल वार्ड में नवजात की मां भर्ती थी। इस नई बिल्डिंग में अभी तक CCTV कैमरे नहीं लगे हैं। इसलिए जांच में परेशानी भी आ रही है। नवजात की मां और उसके साथ आई महिला के बारे में पता लगाना चुनौती से कम नहीं है।

सरकारी अस्पताल में इसी फीमेल वार्ड में नवजात की मां भर्ती थी। इस नई बिल्डिंग में अभी तक CCTV कैमरे नहीं लगे हैं। इसलिए जांच में परेशानी भी आ रही है। नवजात की मां और उसके साथ आई महिला के बारे में पता लगाना चुनौती से कम नहीं है।

नए भवन में पहली डिलीवरी थी

अरथूना कस्बे में सीएचसी का नया भवन बना है। कल शिफ्टिंग का काम चल रहा था। इसी भवन में ये पहली डिलीवरी कराई गई। स्टाफ शिफ्टिंग में और मरीजों की जांच में व्यस्त था। महिला को भी ड्रिप चढ़ाकर भर्ती किया था। स्टाफ की व्यस्तता देख महिला ने ड्रिप निकाली और चुपके से छिपकर भाग गई। उसने कोई डॉक्युमेंट नहीं दिया था। ओपीडी में उसने उसका नाम ललिता बताया था, वो भी फर्जी लगता है। काफी इंतजार के बाद भी जब महिला नहीं लौटी तो अरथूना थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। नवजात का वजन 2.50 से 3 किलो है और स्वस्थ है। बच्चे को बाल कल्याण समिति के सुपुर्द किया गया है।

नए भवन में सीसीटीवी नहीं लगे हैं

अस्पताल महिला के इस तरह नवजात बेटे को अस्पताल में छोड़ जाने पर अस्पताल स्टाफ भी हैरान है। डॉक्टर ने बताया कि सीएचसी 3 दिन पहले ही नए भवन में शिफ्ट हुई है। इसलिए नए भवन में फिलहाल सीसीटीवी नहीं लगे हैं। इसलिए महिला की पहचान करने में परेशानी आ रही है। इस संबंध में अरथूना थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।

बच्ची को कंबल में लपेट आश्रम की पार्किंग में लगी वायरिंग पर लटका कर चले गए।

बच्ची को कंबल में लपेट आश्रम की पार्किंग में लगी वायरिंग पर लटका कर चले गए।

दूसरा मामला: सोजत

SI रामखिलाड़ी ने बताया कि सोजत से 8 किलोमीटर दूर सोजत- जोधपुर स्टेट हाईवे संख्या 58 लुंडावास गांव के पास सतलोक आश्रम है। इसकी बाउंड्री के तारों में बच्ची को कंबल में लपेटकर तारों में अटकाकर कोई अज्ञात छोड़ गया। शाम करीब 7:30 बजे गार्ड पार्किंग में पहुंचा तो रोने की आवाज सुनाई दी। इस पर पास जाकर देखा तो कंबल में बच्ची थी।

सोजत के सरकारी हॉस्पिटल के डॉ. सुरेश चौधरी ने बताया- नवजात पर टैग नहीं है। इससे लग रहा है कि बच्चे का जन्म या तो घर पर ही हुआ है या किसी प्राइवेट हॉस्पिटल में। नवजात शिशु का वजन 2 किलो 120 ग्राम है। आज बच्ची को पाली शिशु गृह में शिफ्ट किया जाएगा।

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