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शर्मसार आईटीवीपी जवान-: एसआई शक्ति सिंह ने 2 नही 4 मासूम के साथ की दरिंदगी

शिवपुरी। करैरा के आईटीवीपी कैम्पस के पीछे स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय कुम्हरया डुमघना में 2 नही 4 छात्राओं के साथ बलात्कार हुआ है। बीती रात इस मामले में 2 छात्राओं के रेप की एफआईआर हुई है। बताया जा रहा है कि इस रेप काण्ड की जानकारी पुलिस और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकाारियो को थी, लेकिन आईटीबी के दबाब में पुलिस ने उक्त घटना को संज्ञान में नही लिया था। बताया गया हैं कि इस स्कूल के शिक्षक रामबाबू कर्ण अपने छात्रो को घूमाने ले गए थे तभी ITBP में पदस्थ एसआई शक्तिसिंह मिला उसने इन बच्चो को मॉटिवेशन क्लास पढाने को कहा, शिक्षक ने हां कर दी। 

बताया जा रहा है कि एसआई शक्तिसिंह दूसरे दिन इस स्कूल में बच्चो को पढाने आया जब शिक्षक रामबाबू उपस्थित नही था, जब स्कूल की क्लास रवि श्रीवास्तव ले रहे थे। पढाने का प्लान बनाकर आए आरोपी एसआई शक्ति सिंह ने रवि से कहा कि मैं इन बच्चो की मॉटिवेशन की क्लास लेना चाहता हूॅ, इस पर शिखक रवि श्रीवास्तव ने इन बच्चो की क्लास लेने की परिमिशन दी। यह घटना 2 जनवरी की हैं। 

पुलिस थाना करैरा में फरियादी महिला ने बताया है कि उसकी पुत्री उम्र 10 साल और भतीजी 11 साल कक्षा 5 की छात्राए है। बीते 2 जनवरी को उसकी बेटी शासकीय प्राथमिक विद्यालय में पढने गई हुई थी। तभी आईटीव्हीपी करैरा में पदस्थ एसआई  शक्ति सिंह आया और पढाने लगा। छात्राओ ने बताया कि आरोपी ने उन्है दूसरी क्लास में ले गया और बारी-बारी से उनके साथ गंदा काम किया। साथ ही इस मामले को किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दे डाली। 

इस मामले की शिकायत पीडित मासूमों ने अपने परिजनो से की। कल इस मामले को लेकर शिकायत करैरा थाना में की। जहां पुलिस ने इस मामले में आरोपी आईटीव्हीपी के जबान पर धारा 376,506 पोस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में ले लिया है। 

वही पीडिताओ ने इस मामले में खुलासा किया है कि हमारे साथ 2 और छात्राए थी। और उनके साथ भी गंदा काम हुआ हैं, लेकिन डर के मारे वह अभी सामने नही आई है। सूत्रो का कहना है कि इस मामले की जानकारी शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियो को भी थी, लेकिन किसी भी तरह इस मामले को दबाया जा रहा था।

बताया तो यह भी गया है कि इस मामले के बाद पूरे गांव के ग्रामीण एक जुट होकर आईटीव्हीपी केम्पस में पहुंचे थे। और उक्त आरोपी को बाहर निकालने की मांग कर रहे थे परंतु अपने एसआई को बचाने का आईटीबीपी प्रबंधन ने किया। हर तरह से इन ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया गया। परंतु बात नहीं बन सकी। तब कही जाकर मामला दर्ज हो सका है।

वही इस मामले में करैरा बीआरसी मकसूद खान का कहना है कि  बिना अनुमति के शासकीय स्कूल में किसी बाहारी व्यक्ति को प्रवेश नही दिया जा सकता हैं,उक्त शिक्षक ने प्रवेश कैसे दिया जांच का विषय हैं, हमने इस मामले में वरिष्ठ अधिकारियो को लिखा हैं। शिक्षक पर जांच के आदेश हो गए हैं। 

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