
शिवपुरी।
सीवर लाइन से क्षतिग्रस्त हुईं शहर की 18 सड़कों का निर्माण कार्य श्रेय
की राजनीति के चलते अटक गया है। ठेकेदार द्वारा अनुबंध न किए जाने के कारण
प्रदेश सरकार की मंत्री और स्थानीय विधायक यशोधरा राजे सिंधिया ने सड़कों
के भूमिपूजन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया था, लेकिन उनके बाद शिवपुरी आए
सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आनन फानन में भूमिपूजन कर दिया और अब खबर
यह है कि ठेकेदार ने नगरपालिका से अनुबंध संपादित नहीं किया है और कार्य
करने से इंकार कर दिया है। इस कारण नगरपालिका द्वारा अब टेंडर निरस्ती की
कार्यवाही की जा रही है और 14 अगस्त को हो रही परिषद में पुन: टेंडर बुलाने
की स्वीकृति ली जा रही है।
सीवर लाइन से क्षतिग्रस्त हुईं शहर की 18 सड़कों का निर्माण कार्य श्रेय
की राजनीति के चलते अटक गया है। ठेकेदार द्वारा अनुबंध न किए जाने के कारण
प्रदेश सरकार की मंत्री और स्थानीय विधायक यशोधरा राजे सिंधिया ने सड़कों
के भूमिपूजन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया था, लेकिन उनके बाद शिवपुरी आए
सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आनन फानन में भूमिपूजन कर दिया और अब खबर
यह है कि ठेकेदार ने नगरपालिका से अनुबंध संपादित नहीं किया है और कार्य
करने से इंकार कर दिया है। इस कारण नगरपालिका द्वारा अब टेंडर निरस्ती की
कार्यवाही की जा रही है और 14 अगस्त को हो रही परिषद में पुन: टेंडर बुलाने
की स्वीकृति ली जा रही है।
शहर में सीवेज खुदाई के कारण पूरे
शहर की सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई थीं और प्रमुख 18 सड़कों के निर्माण हेतु
राज्य शासन से कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक यशोधरा राजे सिंधिया 6
करोड़ 73 लाख रूपए की राशि लेकर आईं थी। सड़क निर्माण हेतु टेंडर हो चुके
थे और न्यूनतम दर पर यह काम मेसर्स राजलक्ष्मी कंस्ट्रक्शन गुना को मिला
था। बताया जाता है कि उन्होंने 1 प्रतिशत बिलो पर टेंडर डाला था। टेंडर
मंजूर होने के बाद ठेकेदार को नगरपालिका से अनुबंध संपादित करना था, लेकिन
अनुबंध की प्रक्रिया पूर्ण हुए बिना पहले यशोधरा राजे सिंधिया शिवपुरी आईं
और उन्होंने सड़कों के भूमिपूजन की इच्छा व्यक्त की। बताया जाता है कि
तत्कालीन कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव ने उन्हें अवगत कराया कि ठेकेदार ने
नगरपालिका से अनुबंध नहीं किया है ऐसी स्थिति में सड़कों का भूमिपूजन करना
उचित नहीं है। इस पर यशोधरा राजे ने भूमिपूजन नहीं किया। लेकिन उनके जाने
के 2 या 3 दिन बाद ही सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया शिवपुरी आए और नगरपालिका
अध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह तथा उपाध्यक्ष अन्नी शर्मा ने उनके कर कमलों से
भूमिपूजन करवाने की योजना बना ली। ऐन वक्त तक पूरी योजना को गुप्त रखा गया।
यह स्पष्ट नहीं किया गया कि भूमिपूजन होगा अथवा नहीं और होगा तो कहां
होगा। भूमिपूजन के दिन सांसद प्रतिनिधि हरवीर सिंह रघुवंशी ने बताया कि
नपाध्यक्ष ने सिंधिया जी से रात 8 बजे का समय मांगा है और इस समय पर संभवत:
बछौरा में सड़कों का भूमिपूजन सिंधिया जी द्वारा कराया जाएगा। लेकिन
गुपचुप तरीके से लुधावली में रात 9 बजे सड़कों का भूमिपूजन करवा दिया गया।
शहर की सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई थीं और प्रमुख 18 सड़कों के निर्माण हेतु
राज्य शासन से कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक यशोधरा राजे सिंधिया 6
करोड़ 73 लाख रूपए की राशि लेकर आईं थी। सड़क निर्माण हेतु टेंडर हो चुके
थे और न्यूनतम दर पर यह काम मेसर्स राजलक्ष्मी कंस्ट्रक्शन गुना को मिला
था। बताया जाता है कि उन्होंने 1 प्रतिशत बिलो पर टेंडर डाला था। टेंडर
मंजूर होने के बाद ठेकेदार को नगरपालिका से अनुबंध संपादित करना था, लेकिन
अनुबंध की प्रक्रिया पूर्ण हुए बिना पहले यशोधरा राजे सिंधिया शिवपुरी आईं
और उन्होंने सड़कों के भूमिपूजन की इच्छा व्यक्त की। बताया जाता है कि
तत्कालीन कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव ने उन्हें अवगत कराया कि ठेकेदार ने
नगरपालिका से अनुबंध नहीं किया है ऐसी स्थिति में सड़कों का भूमिपूजन करना
उचित नहीं है। इस पर यशोधरा राजे ने भूमिपूजन नहीं किया। लेकिन उनके जाने
के 2 या 3 दिन बाद ही सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया शिवपुरी आए और नगरपालिका
अध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह तथा उपाध्यक्ष अन्नी शर्मा ने उनके कर कमलों से
भूमिपूजन करवाने की योजना बना ली। ऐन वक्त तक पूरी योजना को गुप्त रखा गया।
यह स्पष्ट नहीं किया गया कि भूमिपूजन होगा अथवा नहीं और होगा तो कहां
होगा। भूमिपूजन के दिन सांसद प्रतिनिधि हरवीर सिंह रघुवंशी ने बताया कि
नपाध्यक्ष ने सिंधिया जी से रात 8 बजे का समय मांगा है और इस समय पर संभवत:
बछौरा में सड़कों का भूमिपूजन सिंधिया जी द्वारा कराया जाएगा। लेकिन
गुपचुप तरीके से लुधावली में रात 9 बजे सड़कों का भूमिपूजन करवा दिया गया।






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