
ग्वालियर। अचलेश्वर महादेव मंदिर के निर्माण कार्य में हो चुकी देरी की भरपाई करने के लिए अब 16 अगस्त से मंदिर के पट भक्तों को दर्शन के लिए सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक बंद कर दिए जाएंगे। इस दौरान मंदिर में निर्माण कार्य किया जाएगा।
अचलेश्वर महादेव मंदिर के निर्माण का कार्य चल रहा है, लेकिन सावन मास आने के कारण मंदिर निर्माण का कार्य रोक दिया गया था। साथ ही मंदिर का निर्माण कार्य करने वाले कारीगर भी वापस राजस्थान लौट गए थे, लेकिन न्यास ने सावन मास बीत जाने के बाद मंदिर निर्माण के कार्य में तेजी लाने का निर्णय लिया है। इसके लिए अब न्यास ने निर्णय लिया है कि रक्षाबंधन के बाद 16 अगस्त से मंदिर के पट भक्तों के दर्शनों के लिए सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक बंद कर दिए जाएंगे। इस दौरान मंदिर पर निर्माण कार्य कारीगरों द्वारा किया जाएगा।
इसलिए लिया निर्णय
न्यास के पदाधिकारियों ने यह निर्णय इसलिए लिया है क्योंकि अचलेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण बड़ी-बड़ी शिलाओं से किया जा रहा है। इन पत्थरों को काटने एवं छांटने के लिए बिजली से चलने वाले उपकरणों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इनके कारण यह स्थान निर्माण कार्य के दौरान खतरनाक हो जाता है। किसी भक्त को इस निर्माण कार्य के कारण परेशानी नहीं हो। वहीं कारीगर भी अपना कार्य बिना रोक टोक के आसानी से कर सकें इसके लिए मंदिर को कुछ समय के लिए बंद करने का निर्णय लिया गया है।
नागरशैली में बन रहा है मंदिर
अचलेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण कार्य नागरशैली में किया जा रहा है। मंदिर का निर्माण कार्य 3 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से किया जा रहा है। इस शैली में पत्थरों की विशाल शिलाओं का उपयोग किया जाता है। इसके साथ ही इन शिलाओं को जोड़ने के लिए दाल, गुड़, बुर्जी आदि का इस्तेमाल होता है।
एक साल की देरी से चल रहा है निर्माण कार्य
मंदिर निर्माण का ठेका वर्ष 2016-17 में दिया गया था। इस कार्य को जुलाई 2019 तक पूर्ण हो जाना था। लेकिन जुलाई माह बीत जाने के बाद तक मंदिर के सिर्फ चार खंबे ही रखे गए हैं। जबकि यह मंदिर चार मंजिला ऊंचा बनना है। जिसके निर्माण कार्य में अभी काफी समय लगेगा।
इनका कहना है
मंदिर के निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए अचलेश्वर महादेव मंदिर के पट भक्तों के दर्शनों के लिए सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक बंद रहेंगे। यह निर्णय रक्षाबंधन के बाद से लागू कर दिया जाएगा।





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