दिनारा। जिले के दिनारा कस्बे में इन दिनों एक, दो, पांच, दस के सिक्कों को लेकर अफवाह का बाजार गर्म है आम लोगों में अफवाह यह है कि एक और दो के सिक्कों का प्रचलन खत्म हो गया है यह तो तय नहीं कि यह अफवाह कहां से और कौन फैला रहा है लेकिन इससे इतना तो तय है कि इससे होने वाली समस्याओं का सामना गरीब और छोटे वर्ग के लोगों को बहुत प्रभावित करता है इसके साथ ही दस और पांच के सिक्कों का प्रचलन भी कम हो रहा है यदि आप किसी दुकान से 100 का सामान खरीदते हैं तो आपसे 10 का एक सिक्का या 5 के 2 सिक्के लिए जा सकते हैं बाकी का भुगतान आपको नोटों के रूप में करना पड़ेगा। यहां इसका सबसे ज्यादा असर किराना स्टोर्स पर दिखाई दे रहा है लेकिन यहां एक रोचक तथ्य यह भी है कि पांच और 10 के नोटों के प्रचलन में कोई समस्या नहीं है। जब इस बात की तह तक जाने के लिए हमारे संवाददाता अंकित श्रीवास्तव ने बाजार में आम उपभोक्ताओं से बात की तो उनका कहना था कि एक दो रुपए के सिक्के ना तो सब्जी वाले और ना ही दुकान वाले और ना ही बैंक वाले ले रहे हैं इस स्थिति में हम सिक्कों का लेकर करेंगे क्या।
जब बैंक द्वारा पैसे ना लेने की बात पर प्रश्न पूछा गया कि क्या आप बैंक पैसे लेकर गए थे तो उन्होंने कहा कि हमने ऐसा सुना है और हम पैसे लेकर बैंक नहीं गए। जब इस संबंध में हमारे संवाददाता अंकित श्रीवास्तव भारतीय स्टेट बैंक दिनारा की शाखा पहुंचकर, सहायक शाखा प्रबंधक अवनीश विरथरे से बात की तो उन्होंने कहा कि बैंक द्वारा पैसे ना लेने की बातें गलत है बैंक सभी प्रकार की करेंसी स्वीकार करती है जो भी व्यक्ति सिक्के जमा करने आएगा उसके सिक्के जमा होंगे उन्होंने आरबीआई द्वारा जारी नई गाइडलाइन का हवाला देते हुए कहा कि हम 1 दिन में एक खाते पर 1000 के सिक्के ले सकते हैं बही जब व्यापारियों से बात की गई तो उनका कहना था कि हम सिक्के लेते भी हैं और देते भी हैं पहचान ना बताने की शर्त पर एक व्यापारी ने बताया कि एक छोटे व्यापारी के पास 5000 तक के सिक्के और बड़े व्यापारी के पास 10000 से 20000 तक के सिक्के आते हैं। पहले तो बैंक कितने भी सिक्के ले लेती थी लेकिन अब बैंक एक सीमित मात्रा में सिक्कों का लेनदेन कर रही है जिससे व्यापारियों की पूंजी सिक्कों के रूप में उनके पास रुक रही है। यहां एक सवाल यह भी बनता है कि मार्केट में अचानक इतने सिक्के आए कहां से वहीं अपुष्ट सूत्रों से यह सूचना है कि कुछ व्यापारियों ने ये सिक्के अपने बाहर के व्यापारी भाइयों के सिक्कों को नोटों में बदलने के लिए मंगवाए थे। वर्तमान में दिनारा बाजार में सिक्कों की समस्या ने काफी असंतुलन फैला रखा है कई बार बाजार में दुकानदार और ग्राहक के बीच में सिक्कों को लेकर विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है जिससे व्यापारी व जनता दोनों वर्ग के लोगों को काफी नुकसान हो रहा है व कई सारी असुविधाओं का सामना भी करना पड़ रहा है।
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इनका कहना
सभी प्रकार के सिक्के मार्केट में चल रहे हैं कोई भी सिक्का बंद नहीं हुआ है और बैंक सभी प्रकार के सिक्कों को स्वीकार कर रही है।
अवनीश बिरथरे
एबीएम, एसबीआई दिनारा






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