बाजार में इन दिनों 10 और 20 के नोट सबसे ज्यादा संख्या में आ गए हैं।बैंकों में भी 10 और 20 के नोट काफी संख्या में पहुंच रहे हैं, जिसके चलते
अब बैंक छोटे नोट लेने में आना-कानी करने लगे हैं। सबसे अधिक परेशानी
व्यापारियों को हो रही है। सबसे ज्यादा परेशानी नकद व्यापार करने वाले
व्यापारियों को है। आम लोग भी 10-20 के नोट लेकर बैंक में पहुंच रहे हैं।
वहीं, बैंकों से अगर कोई नकद भुगतान ले रहा है तो बैंककर्मी 10-20 के नोट
में भुगतान कर रहे हैं। इस संबंध में गुरुवार को शहर के एक नागरिक ने
आरबीआई में शिकायत की है।
बाजार में बड़े नोटों कम हैं। 2000 के नोट
तो गायब से हो गए हैं। हालांकि 500 के नोट उपलब्ध हैं, लेकिन 10-20 के नोट
अधिक संख्या में बाजार और बैंक पहुंच रहे हैं। ऐसी स्थिति में अब अधिकांश
बैंक 10-20 के नोट लेने से इंकार कर रहे हैं। अब लोगों के पास यह समस्या है
कि वे इन नोटों लेकर कहां जाएं।
56 हजार में से सिर्फ 10 हजार के 10-20 के नोट, जमा भी नहीं किए और बोले, खाता बंद कर दो
दाल
बाजार में रहने वाले मोहित गुप्ता का खाता फालका बाजार स्थित कॉर्पोरेशन
बैंक की मुख्य ब्रांच में हैं। वह 56 हजार रुपए जमा करने के लिए गुरुवार
दोपहर में गए थे। मोहित गुप्ता ने बताया कि जब वह कैश काउंटर पर पहुंचे तो
कैशियर ने 10-20 के नोट लेने से इंकार कर दिया। उससे कारण पूछा तो बोला कि
मैनेजर से जाकर पूछें, जब मैनेजर हस्ताक्षर कर देंगे तब ही जमा होंगे। इसके
बाद मैनेजर के पास पहुंचा तो मैनेजर ने हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया।
मैनेजर ने कहा कि उनके पास 10-20 के नोट बहुत संख्या में हैं, जिसके चलते
उनका लॉकर भर चुका है। अब वह बड़े नोट ही जमा करेंगे, क्योंकि 10-20 के नोट
रखने की जगह नहीं है।
मोहित ने कॉर्पोरेशन बैंक के भोपाल स्थित
कार्यालय में शिकायत की तो वहां से बोला गया कि वह भोपाल से ग्वालियर की
समस्या नहीं सुलझा सकते। अगर परेशानी है तो खाता बंद कर दो। मोहित ने इसके
बाद आरबीआई की बेवसाइट से भोपाल स्थित कार्यालय में फोन पर शिकायत की। फोन
पर उन्हें बताया गया कि अगर मैनेजर ऐसा बोल रहा है तो वह लिखित में ले लें,
लेकिन बैंक मैनेजर ने लिखित में भी कुछ नहीं दिया।
दो गड्डी के बाद अतिरिक्त चार्ज
बैंकों
में 10-20 के नोट नहीं लिए जा रहे। मैं एसबीआई में जब पैसे जमा करने जाता
हूं तो 10-20 के नोट की सिर्फ दो गड्डी ली जाती हैं। इसके बाद बोला जाता है
अतिरिक्त चार्ज लगेगा। हमारे पास 10-20 के नोट सबसे ज्यादा आ रहे हैं। जब
बैंक ही नोट नहीं लेंगे तो हम कहां ले जाएं। इस संबंध में बैंक से लिखित
आदेश मांगा जाता है तो देते नहीं हैं।
मनीष बांदिल, अध्यक्ष, ग्वालियर शकर एसोसिएशन
10-20
के नोट लेने से कोई इंकार नहीं कर सकता। अगर एसबीआई की किसी ब्रांच में भी
ऐसा हो रहा है तो ग्राहक सीधे मुझे फोन कर सकते हैं। ऐसे कोई आदेश नहीं आए
हैं कि 10-20 के नोट जमा नहीं किए जाएंगे। –अवधेश सक्सेना, जोनल मैनेजर, एसबीआई
इसलिए बनी यह स्थिति
बाजार
में 10-20 के नोट अधिक संख्या में आने के पीछे सबसे बड़ा कारण नोटबंदी है।
नोटबंदी के दौरान 10, 20, 50,100 के नोट काफी संख्या में छापे गए थे।
इन्हें बाजार में लाया गया था। इसलिए 10-20 के नोट सबसे ज्यादा बाजार में आ
गए हैं।





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