
शिवपुरी। सरस्वती विद्यापीठ आवासीय विद्यालय में सोमवार को यज्ञ के साथ समर्पण दिवस का कार्यक्रम किया गया जिसमें विद्यालय के पूर्व छात्र डॉ. गोपाल दंडोतिया, डॉ. नृपेंद्रसिंह रघुवंशी, हेमंत जैमिनी, हिमांशु श्रीवास्तव अतिथि के रूप में रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रबंधक ज्ञानसिंह कौरव द्वारा की गई।
इस अवसर पर विद्यापीठ के देवालय की यज्ञशाला में यज्ञ किया गया तथा समर्पण दिवस का कार्यक्रम मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर सरस्वती वंदना से किया गया। अतिथियों का परिचय वरिष्ठ आचार्य गोपालसिंह राठौड द्वारा एवं श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत विद्यालय के भैया अभिषेक यादव एवं अंकित रघुवंशी द्वारा किया गया।
इस दौरान ज्ञानसिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि विद्या भारती का उद्देश्य मात्र विद्यालय खोलना नहीं अपितु समाज के लिए संस्कारों के साथ उच्च आदर्श स्थापित करने वाले नागरिकों का निर्माण करना है जिनमें राष्ट्रीय भावना के साथ-साथ परस्पर सहयोग की भावना का विकास हो, भारतीय संस्कृति में आस्था रखने वाले करोड़ों नागरिकों के इस देश में अपने स्वजनों को उपेक्षित न समझे के भाव से मानवता के इस यज्ञ में अपनी आहुति दे मुक्त हस्त से तन-मन-धन से सहयोग करना चाहिए ताकि विदेशी आक्रांता हमारे झुग्गी झोपड़ी में, वनों, गिरिकन्दराओं में रहने वाले सीधे-साधे लोगों को बहला फुसलाकर धर्मान्तरण कर हमारे ही विरोध में खड़ा करते हैं इस हेतु बसंत पंचमी पर सरस्वती पूजन के साथ उनके सहयोग के लिए समर्पण दिवस के रूप में हम उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने का वचन लें।
कार्यक्रम में सभी अतिथियों द्वारा भैयाओं को मार्गदर्शित किया गया। कार्यक्रम का संचालन आचार्य सतीश रजक द्वारा एवं आभार प्रदर्शन गोपालसिंह राठौड़ द्वारा किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य पवन शर्मा सहित समस्त आचार्य परिवार तथा भैया मौजूद रहे।




