शिवपुरी। शासकीय मशीनरी द्धारा किस कदर भ्रष्टाचार किया जा रहा है इसका जीता जागता उदाहरण आए दिन सामने आ रहे हैं। शहर व गांव से जुड़े लोग इस शासकीय मशीनरी व भ्रष्टाचार की शिकायत को लेकर आए दिन शिकायत कर रहे हैं लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। अधिकारी से लेकर कर्मचारी, बाबू, इंजीनियर सब भ्रष्टाचार में लिप्त है। ऐसा ही एक मामला आज पोहरी से सामने आया यहां नौगांव तिघरा में रहने वाले ग्रामीण मंगलवार से कलेक्ट्रेट में कलेक्टर को अपनी फरियाद सुनाने आए हैं लेकिन कलेक्टर साहब एवं अन्य अधिकारी उनकी समस्या सुनने को तैयार नहीं है। बेचारे ग्रामीणों ने अधिकारी के इंतजार में कलेक्ट्रेट के बाहर डेरा जमा लिया और रात यहीं गुजारी। सुबह होती ही ग्रामीण कलेक्ट्रेट निवास पर पहुंचे लेकिन गार्ड ने भी यहां से उन्हें चलता कर दिया और कहा कि सुबह 10 बजे कलेक्टर साहब आफिस आएंगे। भोले—भाले ग्रामीण वापस कलेक्ट्रेट आ गए और कलेक्टर साहब का इंतजार करने लगे लेकिन फिर 10 बजे और एक घंटे से भी ज्यादा समय निकल गया तो ग्रामीणों ने पूछताछ की तो पता चला कि कलेक्टर साहब आए ही नहीं है। वह फिजीकल स्थित पीजी कॉलेज गए हैं। लगभग 6 दर्जन से अधिक ग्रामीण जिसमें महिलाएं भी शामिल थी वह पैदल—पैदल 4 किलोमीटर चलकर पीजी कॉलेज पहुंचे और यहां अधिकारियों को अपनी समस्या सुनाई। लेकिन यहां भी कोई हल नहीं निकला, अधिकारियों ने आवेदन हाथ में ले लिया और आश्वासन देकर गामीणों को चलता कर दिया। बेचारे ग्रामीण भी आश्वासन लेकर वापस लौट गए।
क्या है मामला
जब मीडिया को ग्राम खरवाया, नौगांव तिघरा तहसील पोहरी के ग्रामीणों ईश्वरलाल, कमलसिंह, बबलेश, बलराम, विजयसिंह, कस्तूरी, अशोक, लच्छू आदि ने बताया कि यहां अधिकारी व कर्मचारी हमारी कोई सुनवाई नहीं करते हैं। वर्ष 2018—19 में प्रधानमंत्री आवास के लिए आज तक सर्वे नहीं किया गया है जबकि अन्य गांव में सर्वे हो चुके हैं। सहायक सचिव अनिल धाकड़ जातिवाद के आधार पर पंचायत खरवाया में काम कर रहा है तथा उसके स्वयं के परिवार में 21 नाम प्रधानमंत्री आवास में आए हैं जो सभी पात्र है उनके पास पक्का मकान व कृषि भूमि है।
ग्रामीणों ने बताया कि नौगांव तिघरा में हरिजन जाटव लोग निवास करते हैं वहां हरिजन बस्ती है तथा अत्यंत गरीब लोग होकर कच्ची पाटौर में निवास कर रहे हैं। सभी प्रधानमंत्री आवास के लिए पूर्ण पात्रता रखते हैं। सहायक सचिव द्धारा जातिवाद के आधार पर सर्वे किया जा रहा है इसलिए कार्रवाई कर सचिव को हटाया जाए और प्रधानमंत्री आवास के लिए संबंधित अधिकारियों को आदेश दिए जाएं।
इनका कहना है
ग्रामीण पवन परिहार का कहना है कि सेकेट्री अनिल धाकड़ अपनी मनमर्जी चलाता है। पूछने पर कहता है कि तुम्हें जहां दिखाए वहां चले जाओ मेरी मर्जी होगी मैं वहीं करूंगा। हम अपनी फरियाद लेकर कलेक्ट्रेट आए लेकिन किसी ने हमारी फरियादी नहीं सुनी। सेकेट्री की राजनीतिक पकड़ अच्छी है इसलिए कोई कार्रवाई नहीं करता इसी वजह से वह अपनी मनमानी करता है। अब हमें आश्वासन दे दिया है लेकिन हमें नहीं लगता कि कुछ होगा।






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